भूमि पूजन कार्यक्रम में बवाल! मंत्री-विधायक के सामने भिड़े कार्यकर्ता, मंच पर चले लात-घूंसे…

भूमि पूजन कार्यक्रम में बवाल! मंत्री-विधायक के सामने भिड़े कार्यकर्ता, मंच पर चले लात-घूंसे…

BJP Workers clash: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत धोंधा गांव में आयोजित कृषि महाविद्यालय के भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब मंच पर ही भाजपा कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। कहासुनी के बाद मामला लात-घूंसे तक पहुंच गया, जिससे कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई।

BJP Workers clash: मंत्री-विधायक की मौजूदगी में बढ़ा विवाद

कार्यक्रम में प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम और प्रतापपुर विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते मौजूद थे। उनकी उपस्थिति में मंच पर हुआ यह घटनाक्रम पूरे आयोजन की गरिमा पर सवाल खड़े कर गया। धोंधा गांव में कृषि महाविद्यालय के भूमि पूजन को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल था। बड़ी संख्या में ग्रामीण और कार्यकर्ता कार्यक्रम में शामिल हुए थे। मंच पर स्थानीय एवं प्रदेश स्तरीय नेताओं की उपस्थिति में कार्यक्रम शुरू हुआ था।

मंडल अध्यक्ष और प्रदेश पदाधिकारी समर्थकों में झड़प

बताया जा रहा है कि वर्तमान मंडल अध्यक्ष मुकेश तायल और प्रदेश पदाधिकारी अनुप गुप्ता के समर्थकों के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों गुटों के बीच लंबे समय से चली आ रही अंदरूनी खींचतान इस कार्यक्रम में खुलकर सामने आ गई।

पहले आरोप-प्रत्यारोप और तीखी नोकझोंक हुई, फिर धक्का-मुक्की शुरू हो गई और देखते ही देखते मामला मारपीट में बदल गया। मंच पर मौजूद अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं को बीच-बचाव के लिए आगे आना पड़ा।

कार्यक्रम कुछ देर के लिए बाधित

अचानक हुए हंगामे से कार्यक्रम को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया। वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप के बाद कार्यक्रम को दोबारा शुरू किया गया, लेकिन तब तक आयोजन की छवि पर असर पड़ चुका था।

अंदरूनी खींचतान आई सामने

स्थानीय स्तर पर पार्टी के भीतर गुटबाजी की चर्चा पहले से होती रही है। इस घटना ने उन चर्चाओं को और हवा दे दी है। हालांकि घटना के संबंध में पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। कृषि महाविद्यालय के भूमि पूजन जैसे विकासात्मक कार्यक्रम के दौरान मंच पर हुई इस मारपीट ने राजनीतिक मर्यादा और अनुशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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