अररिया में होली के पहले दिन होलिका दहन का आयोजन किया गया। शहर के विभिन्न इलाकों में बड़े स्तर पर यह कार्यक्रम उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। बाबाजी कुटिया, काली मंदिर चौक, आश्रम चौक, महादेव चौक, रानीगंज बस स्टैंड, मार्केटिंग यार्ड के सामने, ओमनगर और शिवपुरी चंद्रा चौक स्थित सार्वजनिक बजरंगबली मंदिर प्रांगण सहित कई स्थानों पर देर रात तक होलिका दहन हुआ। इस दौरान युवाओं की टोलियां होली के लोकप्रिय गानों पर नृत्य करती दिखीं। ढोल-नगाड़ों की थाप, रंग-बिरंगे फूलों की वर्षा और जलती होलिका की लपटों ने उत्सव का माहौल बना दिया। डिजिटल माध्यमों तक पहुंचा होलिका दहन का जश्न कार्यक्रम के दौरान सेल्फी और ग्रुप फोटो का चलन भी खूब देखा गया। युवा, बच्चे और बुजुर्ग सभी इस पल को अपने मोबाइल में कैद करते रहे। सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो, रील्स और स्टोरीज की भरमार रही, जिससे होलिका दहन का जश्न डिजिटल माध्यमों तक भी पहुंचा। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। नगर थाना अध्यक्ष मनीष कुमार रजक ने स्वयं पुलिस पदाधिकारियों के साथ विभिन्न स्थानों पर मौजूद रहकर व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी। भीड़ प्रबंधन, अग्निशमन और यातायात नियंत्रण के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे, जिससे कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। होली गीतों पर बनाई गई रील्स होलिका दहन के बाद आधी रात 12 बजे के आसपास लोगों ने एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं देना शुरू कर दिया। व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर होली के स्टिकर्स, मैसेज और वीडियो का आदान-प्रदान हुआ। कई लोगों ने पारंपरिक होली गीतों के साथ बनाई गई रील्स भी साझा कीं। इस वर्ष अररिया में होलिका दहन न केवल पारंपरिक रूप से धूमधाम से मनाया गया, बल्कि डिजिटल माध्यमों से भी इसका उत्साह दूर-दूर तक फैला। शहरवासियों ने इस त्योहार को परंपरा और आधुनिकता के संगम के रूप में मनाया। अब सभी की नजरें होली के रंगों और मिलन के दिन पर टिकी हैं। अररिया में होली के पहले दिन होलिका दहन का आयोजन किया गया। शहर के विभिन्न इलाकों में बड़े स्तर पर यह कार्यक्रम उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। बाबाजी कुटिया, काली मंदिर चौक, आश्रम चौक, महादेव चौक, रानीगंज बस स्टैंड, मार्केटिंग यार्ड के सामने, ओमनगर और शिवपुरी चंद्रा चौक स्थित सार्वजनिक बजरंगबली मंदिर प्रांगण सहित कई स्थानों पर देर रात तक होलिका दहन हुआ। इस दौरान युवाओं की टोलियां होली के लोकप्रिय गानों पर नृत्य करती दिखीं। ढोल-नगाड़ों की थाप, रंग-बिरंगे फूलों की वर्षा और जलती होलिका की लपटों ने उत्सव का माहौल बना दिया। डिजिटल माध्यमों तक पहुंचा होलिका दहन का जश्न कार्यक्रम के दौरान सेल्फी और ग्रुप फोटो का चलन भी खूब देखा गया। युवा, बच्चे और बुजुर्ग सभी इस पल को अपने मोबाइल में कैद करते रहे। सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो, रील्स और स्टोरीज की भरमार रही, जिससे होलिका दहन का जश्न डिजिटल माध्यमों तक भी पहुंचा। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। नगर थाना अध्यक्ष मनीष कुमार रजक ने स्वयं पुलिस पदाधिकारियों के साथ विभिन्न स्थानों पर मौजूद रहकर व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी। भीड़ प्रबंधन, अग्निशमन और यातायात नियंत्रण के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे, जिससे कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। होली गीतों पर बनाई गई रील्स होलिका दहन के बाद आधी रात 12 बजे के आसपास लोगों ने एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं देना शुरू कर दिया। व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर होली के स्टिकर्स, मैसेज और वीडियो का आदान-प्रदान हुआ। कई लोगों ने पारंपरिक होली गीतों के साथ बनाई गई रील्स भी साझा कीं। इस वर्ष अररिया में होलिका दहन न केवल पारंपरिक रूप से धूमधाम से मनाया गया, बल्कि डिजिटल माध्यमों से भी इसका उत्साह दूर-दूर तक फैला। शहरवासियों ने इस त्योहार को परंपरा और आधुनिकता के संगम के रूप में मनाया। अब सभी की नजरें होली के रंगों और मिलन के दिन पर टिकी हैं।


