शिवहर जिले को रेल नेटवर्क से जोड़ने की बहुप्रतीक्षित परियोजना की धीमी गति पर नवनीत कुमार झा ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने सरकार से इस महत्वपूर्ण परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की है। झा ने कहा कि आजादी के कई दशक बीत जाने के बावजूद शिवहर अब तक रेल संपर्क से वंचित है। यह स्थिति जिले के विकास में एक बड़ी बाधा बनी हुई है, जिससे आम जनता को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिवहर से राजद महागठबंधन के प्रत्याशी रह चुके नवनीत कुमार झा नवनीत कुमार झा, जो 2025 विधानसभा चुनाव में शिवहर से राजद महागठबंधन के प्रत्याशी रह चुके हैं, ने बताया कि इस रेल परियोजना की शुरुआत उस समय हुई थी जब लालू यादव रेल मंत्री थे। हालांकि, इतने वर्षों बाद भी इसकी प्रगति बेहद धीमी है, जिसे उन्होंने ‘कछुए की चाल’ करार दिया। उन्होंने कहा कि परियोजना की धीमी गति से जिले के समग्र विकास पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। रेल संपर्क स्थापित होने से आम लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी, साथ ही व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी आसान होगी। छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी पड़ोसी जिलों पर निर्भर रहना पड़ता स्थानीय लोगों का भी कहना है कि रेल सुविधा के अभाव में उन्हें छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी पड़ोसी जिलों पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में यह परियोजना न सिर्फ यातायात, बल्कि पूरे जिले के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए बेहद जरूरी मानी जा रही है। इस संदर्भ में, लोगों के बीच यह भी चर्चा है कि नवनीत कुमार झा के दादा, स्वर्गीय रघुनाथ, एक प्रमुख जननेता थे। शिवहर जिले के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी और उन्हें ‘शिवहर जिला निर्माता’ के रूप में भी जाना जाता है। शिवहर जिले को रेल नेटवर्क से जोड़ने की बहुप्रतीक्षित परियोजना की धीमी गति पर नवनीत कुमार झा ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने सरकार से इस महत्वपूर्ण परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की है। झा ने कहा कि आजादी के कई दशक बीत जाने के बावजूद शिवहर अब तक रेल संपर्क से वंचित है। यह स्थिति जिले के विकास में एक बड़ी बाधा बनी हुई है, जिससे आम जनता को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिवहर से राजद महागठबंधन के प्रत्याशी रह चुके नवनीत कुमार झा नवनीत कुमार झा, जो 2025 विधानसभा चुनाव में शिवहर से राजद महागठबंधन के प्रत्याशी रह चुके हैं, ने बताया कि इस रेल परियोजना की शुरुआत उस समय हुई थी जब लालू यादव रेल मंत्री थे। हालांकि, इतने वर्षों बाद भी इसकी प्रगति बेहद धीमी है, जिसे उन्होंने ‘कछुए की चाल’ करार दिया। उन्होंने कहा कि परियोजना की धीमी गति से जिले के समग्र विकास पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। रेल संपर्क स्थापित होने से आम लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी, साथ ही व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी आसान होगी। छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी पड़ोसी जिलों पर निर्भर रहना पड़ता स्थानीय लोगों का भी कहना है कि रेल सुविधा के अभाव में उन्हें छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी पड़ोसी जिलों पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में यह परियोजना न सिर्फ यातायात, बल्कि पूरे जिले के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए बेहद जरूरी मानी जा रही है। इस संदर्भ में, लोगों के बीच यह भी चर्चा है कि नवनीत कुमार झा के दादा, स्वर्गीय रघुनाथ, एक प्रमुख जननेता थे। शिवहर जिले के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी और उन्हें ‘शिवहर जिला निर्माता’ के रूप में भी जाना जाता है।


