बर्रा में सड़क निर्माण के दौरान बांधी गई रस्सी केडीए से रिटायर्ड सुपरवाइजर रंजीत सिंह (61) के लिए जानलेवा साबित हुई। उनकी बाइक इस रस्सी में उलझकर फिसल गई थी, जिससे वह काफी दूर तक घिसटते चले गए। इससे उनके सिर,चेहरे के साथ ही अंदरूनी चोटें आ गई थीं। रीजेंसी अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। टिकरा गांव से लौट रहे थे बर्रा–8 निवासी रंजीत सिंह के परिवार में पत्नी शिवप्यारी और बेटे अजीत व शंकर हैं। बेटे शंकर ने बताया कि रंजीत पिछले साल जुलाई में रिटायर हुए थे। गुरुवार सुबह रंजीत साउथ सिटी के पास स्थित अपने गांव टिकरा गेहूं कटवाने के लिए बाइक से गए थे। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे वह वापस घर लौट रहे थे। घर से करीब एक किलोमीटर पहले रामगोपाल चौराहे के पास निर्माणाधीन सड़क पर लगी बैरीकेडिंग की सफेद रस्सी में उनकी बाइक फंस गई, इससे वह बाइक समेत काफी दूर तक घिसटते चले गए और सड़क पर गिर पड़े। राहगीरों ने उन्हें उठाया तो उन्होंने ठीक होने की बात कहते हुए बेटे अजीत को फोन कर मौके पर बुलाया। घर पहुंचने पर बिगड़ी हालत अजीत उन्हें नजदीकी निजी अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें घर भेज दिया। घर पहुंचने के कुछ देर बाद ही उनकी तबीयत बिगड़ गई और सीने में तेज दर्द की शिकायत होने लगी। घबराए परिजन उन्हें तुरंत सर्वोदय नगर स्थित रीजेंसी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजन ने निर्माणाधीन सड़क पर सुरक्षा इंतजामों में लापरवाही का आरोप लगाया है।


