देवरिया में शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे मौसम ने अचानक करवट ली और झमाझम बारिश शुरू हो गई। जिला मुख्यालय समेत भटनी, सलेमपुर, भाटपाररानी और रुद्रपुर सहित कई इलाकों में तेज वर्षा हुई। जिला मुख्यालय पर करीब दो घंटे तक रुक-रुककर बारिश होती रही, जिससे लोगों को कई दिनों से पड़ रही उमस और गर्मी से बड़ी राहत मिली। हालांकि, शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति भी बन गई। मौसम विभाग के अनुसार जिले में करीब 11 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। अगस्त के पहले सप्ताह तक सामान्य से लगभग 75 प्रतिशत कम बारिश होने के कारण किसान चिंतित थे। जुलाई में भी कम वर्षा से धान, मक्का और अन्य खरीफ फसलों की बढ़वार प्रभावित हुई थी। शुक्रवार की बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी पहुंची, जिससे किसानों में खुशी का माहौल है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में इसी तरह नियमित बारिश होती रही तो खरीफ फसलों की पैदावार में उल्लेखनीय सुधार हो सकता है। स्कूल छुट्टी के समय बारिश बनी परेशानी दोपहर की तेज बारिश का सबसे अधिक असर स्कूलों की छुट्टी के समय देखने को मिला। छुट्टी होते ही बारिश शुरू होने से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं स्कूल परिसर और दुकानों के शेड के नीचे बारिश रुकने का इंतजार करते रहे। कई अभिभावकों को बारिश के बीच ही बच्चों को लेने स्कूल पहुंचना पड़ा। शहर की कई सड़कों पर जलभराव होने से विद्यार्थियों को घर पहुंचने में दिक्कत हुई। पैदल और साइकिल से आने-जाने वाले छात्रों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ी। कई स्थानों पर वाहनों की रफ्तार धीमी होने से जाम जैसी स्थिति भी बन गई। जलभराव से यातायात प्रभावित, बाजारों में बढ़ी चहल-पहल बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों और प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया। दोपहिया वाहन चालकों को आवागमन में दिक्कत हुई, जबकि राहगीरों ने दुकानों और शेड के नीचे रुककर बारिश थमने का इंतजार किया। दूसरी ओर, मौसम सुहावना होने के बाद लोग घरों से बाहर निकले, जिससे बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर फिर से चहल-पहल बढ़ गई। बच्चों ने भी बारिश का जमकर आनंद लिया। अगले कुछ दिन सक्रिय रहेगा मानसून बारिश के बाद जिले का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों ने अगले कुछ दिनों तक जिले में मानसून सक्रिय रहने की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों को गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की सलाह दी है। वहीं कृषि विभाग ने किसानों से मौसम का लाभ उठाकर खेती से जुड़े जरूरी कार्य समय पर पूरा करने की अपील की है।


