रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने शुक्रवार शाम अपने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए। मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली इस कंपनी के नतीजे मिले-जुले रहे। एक तरफ जियो प्लेटफॉर्म्स ने जबरदस्त प्रदर्शन किया तो दूसरी तरफ O2C यानी ऑयल-टु-केमिकल सेगमेंट ने निराश किया।
नतीजे आने के बाद लंदन स्टॉक एक्सचेंज पर रिलायंस का GDR 0.86 फीसदी गिरकर 57.50 डॉलर पर बंद हुआ। यही वजह है कि निवेशक अब यह जानना चाहते हैं कि सोमवार को भारतीय बाजार में रिलायंस का शेयर किस दिशा में जाएगा।
GDR क्या है और यह क्यों मायने रखता है?
GDR यानी ग्लोबल डिपॉजिटरी रिसीट एक ऐसा इंस्ट्रूमेंट है जिसके जरिए कोई भारतीय कंपनी विदेशी शेयर बाजारों में अपनी हिस्सेदारी बेच सकती है। रिलायंस का एक GDR दो भारतीय शेयरों के बराबर होता है, जिनकी फेस वैल्यू 10 रुपए प्रति शेयर है। रिलायंस का GDR लंदन स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड है।
जब भारतीय बाजार बंद होता है उस वक्त कोई बड़ी खबर आए तो GDR की कीमत से यह अंदाजा लगाया जाता है कि अगले दिन भारतीय बाजार खुलने पर शेयर किस दिशा में जाएगा। इसलिए निवेशक GDR की चाल को एक संकेत के रूप में देखते हैं।
Q4 के नतीजों का ब्रेकडाउन
SMC ग्लोबल सिक्योरिटीज की सीनियर रिसर्च एनालिस्ट सीमा श्रीवास्तव के मुताबिक रिलायंस का कंसोलिडेटेड ग्रॉस रेवेन्यू सालाना आधार पर 12.9 फीसदी बढकर 3,25,290 करोड रुपए यानी करीब 34.3 अरब डॉलर हो गया। लेकिन EBITDA 0.3 फीसदी घटकर 48,588 करोड रुपए पर आ गया और EBITDA मार्जिन 200 बेसिस पॉइंट सिकुड कर 14.9 फीसदी रह गया। हालांकि कंपनी का रेवेन्यू बढ़ा, लेकिन EBITDA लगभग फ्लैट रहा, जिससे साफ है कि कमाई बढ़ने के बावजूद मार्जिन पर दबाव बना हुआ है।
5G स्पेक्ट्रम के ऑपरेशनलाइजेशन की वजह से डेप्रिसिएशन 9.9 फीसदी और फाइनेंस कॉस्ट 7 फीसदी बढी। इसका सीधा असर मुनाफे पर पडा और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स 8.1 फीसदी घटकर 20,616 करोड रुपए रह गया।
जियो बना कंपनी की असली ताकत
कंपनी के पांच मेन सेगमेंट हैं- रिलायंस जियो (जियो प्लेटफॉर्म), रिटेल, डिजिटल, ऑयल टू केमिकल्स (O2C) और ऑयल एंड गैस। इस पूरे नतीजे में जियो प्लेटफॉर्म्स सबसे चमकदार रहा। जियो का रेवेन्यू 12.7 फीसदी बढकर 44,928 करोड रुपए पहुंच गया और EBITDA 17.9 फीसदी उछलकर 20,060 करोड रुपए हो गया। EBITDA मार्जिन 230 बेसिस पॉइंट बढकर 52.4 फीसदी पर आ गया।
कंपनी के पास अब 52.4 करोड सब्सक्राइबर हैं जिनमें से 26.8 करोड 5G यूजर हैं। रिलायंस रिटेल का रेवेन्यू भी 10.8 फीसदी बढा और स्टोर की संख्या 20,000 के पार चली गई। वहीं O2C सेगमेंट का रेवेन्यू तो 12.4 फीसदी बढा लेकिन EBITDA 3.7 फीसदी घट गया क्योंकि मिडिल ईस्ट क्राइसिस और ट्रांसपोर्टेशन फ्यूल क्रैक्स ने मार्जिन पर दबाव बनाया।
सोमवार को क्या करें निवेशक?
SEBI रजिस्टर्ड फंडामेंटल इक्विटी एनालिस्ट अविनाश गोरक्षकर का कहना है कि GDR में गिरावट बहुत बडी नहीं है जिससे घबराना पडे। O2C बिजनेस पर जो दबाव है वह मुख्य रूप से जियोपॉलिटिकल कारणों से है। जैसे ही यह तनाव कम होगा O2C सेगमेंट फिर मजबूत होगा।
आनंद राठी के सीनियर मैनेजर टेक्निकल रिसर्च गणेश डोंगरे के मुताबिक सोमवार को रिलायंस का शेयर 1280 से 1380 रुपए के दायरे में रेंजबाउंड रह सकता है। अगर शेयर 1380 रुपए के ऊपर मजबूत वॉल्यूम के साथ निकलता है तो यह खरीदारी का अच्छा मौका हो सकता है। लेकिन अगर 1280 रुपए का सपोर्ट टूटता है तो शेयर में और गिरावट आ सकती है।


