भोपाल की सड़कों पर ट्रैफिक नियम अब मजाक बन चुके हैं। इसका सबूत खुद पुलिस की मौजूदगी में हो रही लापरवाही है। प्रदेश में 26 अप्रैल से 10 मई तक ट्रैफिक नियमों को लेकर विशेष चेकिंग अभियान चल रहा है। अभियान की असलियत जानने के लिए दैनिक भास्कर की टीम ग्राउंड पर उतरी और शहर के 5 बड़े चौराहों का रियलिटी चेक किया। जहां न केवल लोग खुलेआम ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते नजर आए, बल्कि कई चौराहों पर पुलिस की लापरवाही भी सामने आई। शहर के 5 में से 3 बड़े चौराहों पर पुलिस की मौजूदगी में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन हो रहा था। पुलिस के सामने से ही लोग बिना हेलमेट के गुजरते रहे और पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने नियमों का उल्लंघन होते देखते रहे। सिलसिलेवार पढ़िए शहर के 5 भीड़-भाड़ वाले चौराहों का रियलटी चेक लालघाटी चौराहा: पुलिस मौजूद, लेकिन कार्रवाई नहीं लालघाटी चौराहे पर रियलिटी चेक के दौरान तीन पुलिसकर्मी मौके पर तैनात मिले, लेकिन उसके बाद भी ट्रैफिक नियमों का खुलेआम उल्लंघन होता रहा। बड़ी संख्या में दोपहिया वाहन चालक बिना हेलमेट के गुजरते रहे, कुछ ने सिग्नल नियमों की भी अनदेखी की। पुलिसकर्मियों के सामने ही यह सब होता रहा, लेकिन किसी भी वाहन चालक को रोककर चालान या चेतावनी देने की ट्रैफिक पुलिस ने हिम्मत नहीं की। पुलिस चौकी के सामने नियमों की धज्जियां ओल्ड भोपाल का बुधवारा चौराहा, जिसे शहर के सबसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में माना जाता है, वहां कोई ट्रैफिक सिग्नल मौजूद नहीं है। भास्कर की टीम ने दोपहर करीब 2 बजे यहां रियलिटी चेक किया। इस दौरान वहां दो पुलिस सहायता केंद्र दिखाई दिए, लेकिन दोनों पर ताला लगा हुआ था और चौराहे पर एक भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। यहां से गुजरने वाले ज्यादातर दोपहिया वाहन चालक बिना हेलमेट के नजर आए। VIP रोड (गौहर महल-रेत घाट): सिग्नल तोड़ते वाहन VIP रोड स्थित रेत घाटी चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस यात्री शेड के नीचे आराम फरमा रही थी। दोपहिया वाहन चालक बिना हेलमेट के निकल रहे थे। कुछ वाहन चालकों ने रेड सिग्नल भी तोड़े। भास्कर के रियलिटी चेक के दौरान देखा गया कि ट्रैफिक सिग्नल तोड़ने जैसी गंभीर लापरवाही पर भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पॉलिटेक्निक चौराहा: CM हाउस के पास भी लापरवाही मुख्यमंत्री आवास से महज 600 मीटर की दूरी पर स्थित पॉलिटेक्निक चौराहे पर ट्रैफिक व्यवस्था में लापरवाही दिखी। यहां 3 ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात होने के बावजूद बड़ी संख्या में दोपहिया वाहन चालक बिना हेलमेट के गुजरते दिखे। कई वाहन चालकों ने सिग्नल नियमों की भी अनदेखी की, लेकिन मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने कोई रोक-टोक या चालानी कार्रवाई नहीं की। पुरानी विधानसभा चौराहा: कमिश्नर ऑफिस के पास भी लापरवाही कमिश्नर ऑफिस के सामने पुरानी विधानसभा चौराहे पर भी ट्रैफिक नियमों की खुली अनदेखी देखने को मिली। यहां 3 बजे लगभग रियलिटी चेक के दौरान न तो कोई ट्रैफिक जवान तैनात दिखाई दिया और न ही नियमों के पालन को लेकर कोई निगरानी व्यवस्था नजर आई। इस दौरान कई दोपहिया वाहन चालक बिना हेलमेट के गुजरते रहे, जबकि कुछ वाहन सिग्नल की भी अनदेखी करते दिखाई दिए। प्रशासनिक कार्यालय के ठीक सामने इस तरह की लापरवाही ट्रैफिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। ये खबर भी पढ़ें… हाईवे पर हादसे में 16 मौतों के जिम्मेदार कौन?:मवेशी की तरह ठूंसे मजदूर, पुलिस-आरटीओ की ओवरलोड पर अनदेखी इंदौर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे 47 पर हुए भीषण हादसे ने 16 परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया है। इंदौर और धार के अस्पतालों में 25 से अधिक लोग अब भी जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल ये है-हादसा कैसे हुआ और इसके जिम्मेदार कौन हैं? पूरी खबर पढ़ें…


