झारखंड के रामगढ़ जिले में एक इस्पात कारखाने में आग लगने से मारे गए तीन इंजीनियर के परिवारों को 31-31 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है। यह मुआवजा पीड़ित परिवारों के विरोध-प्रदर्शन और प्रबंधन के साथ बातचीत के बाद दिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
रामगढ़ के श्रम अधीक्षक अनिल कुमार रंजन ने बताया कि शनिवार देर रात हुए समझौते के तहत प्रबंधन ने प्रत्येक परिवार को 30 लाख रुपये मुआवजे के रूप में और एक-एक लाख रुपये अंतिम संस्कार एवं अन्य रस्मों के खर्च के लिए दिये। समझौते पर श्रम प्रवर्तन अधिकारी चंदन कुमार दास, स्थानीय नेताओं और ग्रामीणों की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए। परिवारों ने प्रत्येक मृतक के एक आश्रित को नौकरी देने, उचित मुआवजा देने और घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने की भी मांग की है।
अधिकारियों ने बताया कि तीनों इंजीनियर संजीव कुमार केसरी (50), विनीत कुमार महतो (25) और अभिषेक पांडे (24) की शुक्रवार देर रात हेहल गांव में मां छिन्नमस्तिका इस्पात के ‘कैप्टिव पावर प्लांट’ में लगी आग में गंभीर रूप से झुलसने से मौत हो गई। इस घटना में एक अन्य कर्मचारी तरुण राजवर भी घायल हुआ है और उसका रांची के एक निजी अस्पताल में इलाज किया जा रहा है।

