Ram Mandir CEO: ‘राम मंदिर में गुप्त शत्रु हैं’, BJP नेता बृजभूषण शरण सिंह बोले-सावधानी बरतनी पड़ेगी

Ram Mandir CEO: ‘राम मंदिर में गुप्त शत्रु हैं’, BJP नेता बृजभूषण शरण सिंह बोले-सावधानी बरतनी पड़ेगी

Ram Mandir CEO: अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट को लंबे इंतजार के बाद अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मिल गया है। बुधवार को मंदिर ट्रस्ट की बैठक में CEO पद के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए तीन नामों में से रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगाई गई। नियुक्ति के बाद जितेंद्र मिश्रा गुरुवार को अयोध्या पहुंचे।

जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति के बाद कई नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। इसी को लेकर पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, ” जैसे कहा जाता है कि ऑपरेशन सिंदूर में उन्होंने काम किया और अच्छा काम किया, लेकिन यहां की स्थिति भिन्न है। यहां गुप्त शत्रु हैं तो थोड़ा सावधानी बरतनी पड़ेगी।”

उनका कहना है कि राम मंदिर ट्रस्ट में CEO की नियुक्ति पहले ही हो जानी चाहिए थी, क्योंकि किसी भी व्यवस्था में जवाबदेही और जिम्मेदारी बहुत जरूरी है।

‘हिसाब-किताब रखना हर किसी के बस की बात नहीं’

पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने ट्रस्ट की व्यवस्था और निगरानी को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि संत दूसरे काम कर सकते हैं, लेकिन हिसाब-किताब रखना हर किसी के बस की बात नहीं है। उन्होंने कहा कि इसलिए ट्रस्ट में देख-रेख और निगरानी की व्यवस्था होनी चाहिए।

5,585 आवेदनों में से चुने गए थे तीन उम्मीदवार

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बुधवार को हुई बैठक में राम मंदिर के पहले पूर्णकालिक CEO के रूप में जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगाई गई। CEO पद के लिए कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से तीन उम्मीदवारों का चयन किया गया था, जिनमें से जितेंद्र मिश्रा को इस पद के लिए चुना गया। राम मंदिर में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या के बीच नए CEO के सामने मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी और बेहतर बनाने की चुनौती होगी।

मंदिर मैनेजमेंट से सुरक्षा तक संभालेंगे कई जिम्मेदारियां

CEO के तौर पर जितेंद्र मिश्रा की प्रमुख जिम्मेदारियों में मंदिर मैनेजमेंट, सुरक्षा, कर्मचारियों की व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का ध्यान रखना शामिल होगा। इसके अलावा अलग-अलग विभागों और एजेंसियों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी भी उनके पास होगी। राम मंदिर में दान को लेकर सामने आए कथित गड़बड़ी के मामले के बाद ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन की निगरानी बढ़ाने के लिए CEO का पद सृजित किया गया था।

स्वामी गोविंददेव गिरि को महासचिव की जिम्मेदारी

जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति के साथ ट्रस्ट में अन्य महत्वपूर्ण बदलाव भी किए गए हैं। स्वामी गोविंददेव गिरि को महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा न्यास में खाली तीन पदों पर महेश भागचंदका, मदन मोहन पांडे और डॉ. निर्मला यादव को नया न्यासी नियुक्त किया गया है।

अमिताभ ठाकुर ने CEO को लिखा पत्र

राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO जितेंद्र मिश्रा को उत्तर प्रदेश के पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर ने भी पत्र लिखा है। उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट में पारदर्शिता बनाए रखने की अपील की है। अमिताभ ठाकुर ने ट्रस्ट में हुई अनियमितताओं की जांच पूरी कराने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है। उन्होंने ट्रस्ट के लिए एक जवाबदेह व्यवस्था की मांग की है।

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