Rajpur Industrial City Aligarh: जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास तेजी से बढ़ रहे औद्योगिक विकास के बीच अलीगढ़ की राजपुर औद्योगिक सिटी को जमीन मिलने की प्रक्रिया अब आगे बढ़ने लगी है। अलीगढ़ विकास प्राधिकरण (एडीए) ने किसानों से बातचीत तेज कर दी है। अब तक 103 किसानों से सहमति ली जा चुकी है, जिससे करीब 350 एकड़ जमीन परियोजना में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ी है।
एडीए की कोशिश है कि गांवों में जाकर किसानों को परियोजना की पूरी जानकारी दी जाए और ज्यादा से ज्यादा भूमि सहमति के आधार पर जुटाई जा सके। खास बात यह है कि जमीन की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ ही निवेशकों की दिलचस्पी भी सामने आने लगी है।
80 प्रतिशत जमीन लैंड पूलिंग से जुटाने की तैयारी
राजपुर औद्योगिक सिटी के लिए जमीन जुटाने का प्रस्ताव दो तरीकों पर आधारित है। करीब 80 प्रतिशत भूमि लैंड पूलिंग के जरिए और बाकी 20 प्रतिशत भूमि आपसी सहमति से खरीदने की तैयारी है। खैर तहसील के राजपुर, नरायनपुर और सोफा गांवों की जमीन इस परियोजना के लिए प्रस्तावित है। एडीए की टीमें लगातार गांवों में किसानों से संपर्क कर रही हैं। करीब 300 अन्य किसानों से मौखिक सहमति लेने की प्रक्रिया भी चल रही है। इसके बाद लिखित सहमति और जमीन जुटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
जमीन के बदले सर्किल रेट से चार गुना तक कीमत की संभावना
भूमि खरीद के मामले में किसानों को सर्किल रेट के चार गुना तक कीमत मिलने की संभावना बताई जा रही है। इसी वजह से एडीए की कोशिश है कि किसानों को लैंड पूलिंग और भूमि खरीद की पूरी प्रक्रिया समझाकर उनकी सहमति हासिल की जाए। हालांकि, चार गुना कीमत को फिलहाल संभावित व्यवस्था के तौर पर ही देखा जा रहा है। जमीन जुटाने की प्रक्रिया और शर्तें पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
3396 एकड़ में बसनी है राजपुर औद्योगिक सिटी
राजपुर औद्योगिक सिटी का प्रस्ताव करीब 1358 हेक्टेयर यानी 3396 एकड़ भूमि पर है। प्रस्तावित क्षेत्र में राजपुर की लगभग 1160 हेक्टेयर, नरायनपुर की 55 हेक्टेयर और सोफा की 143 हेक्टेयर जमीन शामिल बताई गई है। परियोजना पर करीब 4000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जबकि एडीए को इससे 7000 करोड़ रुपये से अधिक आय होने की उम्मीद जताई गई है। जेवर एयरपोर्ट से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर प्रस्तावित यह औद्योगिक सिटी अलीगढ़ के औद्योगिक विस्तार के लिए अहम मानी जा रही है। अभी परियोजना का बड़ा हिस्सा जमीन जुटाने की प्रक्रिया पर निर्भर है, लेकिन 103 किसानों की सहमति को इस दिशा में शुरुआती महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है।
जमीन की कवायद शुरू होते ही निवेशकों की नजर
राजपुर औद्योगिक सिटी के लिए जमीन जुटाने की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही निवेशकों की रुचि भी सामने आई है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने भूमि खरीदने के लिए एडीए से संपर्क करना शुरू किया है। ऐसे में आने वाले समय में यदि जमीन जुटाने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ती है तो यह क्षेत्र औद्योगिक निवेश के नए केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है। जेवर एयरपोर्ट की नजदीकी भी इस परियोजना के लिए अहम कड़ी मानी जा रही है।
फिलहाल सबसे बड़ा फोकस किसानों की सहमति पर
एडीए के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती प्रस्तावित क्षेत्र में जमीन जुटाने की है। 103 किसानों की सहमति और 350 एकड़ भूमि की शुरुआती प्रगति के बाद अब बाकी किसानों को जोड़ने पर जोर है। इसके लिए गांवों में एडीए की टीम लगातार संपर्क और समझाने की प्रक्रिया में जुटी हुई है।

