Anita Advani On Rajesh Khanna: हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना के निधन को एक दशक से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन उनके पर्सनल लाइफ से जुड़े विवाद आज भी खत्म होने का नाम नहीं ले रहे हैं। हाल ही में एक्ट्रेस अनीता ने दावा किया था कि वह राजेश खन्ना के साथ लगभग 14 साल लिव-इन में रही और एक्टर ने उनकी मांग में सिंदूर भरा था, लेकिन किसी को बताने से मना किया था। अब वह खुद को उनकी पत्नी बताती हैं जिसके लिए उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट में अर्जी दी थी। जिसे 1 अप्रैल, 2026 को कोर्ट ने खारिज कर दिया। कोर्ट के इस फैसले ने अनीता को बेहद निराश कर दिया। अब उनका इस पूरे मामले में पर गुस्सा फूटा है।
अनीता आडवाणी कोर्ट के फैसले से नहीं हैं खुश (Anita Advani On Rajesh Khanna)
अदालत के फैसले के बाद एक बातचीत में अनीता आडवाणी ने अपनी कानूनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा, “लोग गलत समझ रहे हैं। मैंने हिंदू मैरिज एक्ट के तहत शादी का अधिकार नहीं, बल्कि घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत ‘पत्नी के बराबर’ हक मांगा था। कानून कहता है कि अगर दो बालिग पति-पत्नी की तरह लंबे समय तक साथ रहते हैं, तो उन्हें वही सम्मान और सुरक्षा मिलनी चाहिए जो एक विवाहित महिला को मिलती है।”
अनीता ने भावुक होते हुए कहा कि 14 साल बीत जाने के बाद भी उन्हें यह साबित करने का मौका नहीं दिया गया कि उनका रिश्ता कैसा था। उन्होंने इसे ‘न्याय का मजाक’ करार दिया।

अनीता का दावा राजेश खन्ना ने की थी सीक्रेट मैरिज (Anita Advani Secret Marriage With Rajesh Khanna)
अनीता आडवाणी ने एक बार फिर अपने पुराने दावे को दोहराते हुए कहा कि राजेश खन्ना के साथ उनका रिश्ता कोई लुका-छिपी का खेल नहीं था। उन्होंने बताया, “उन्होंने मुझे सिंदूर लगाया था और मंगलसूत्र भी पहनाया था। हमारे घर के मंदिर में एक छोटी सी निजी रस्म हुई थी। हम पति-पत्नी की तरह ही रहते थे और वह मेरे साथ बहुत सहज थे।” अनीता का कहना है कि वह राजेश खन्ना के पास उनके पैसे या शोहरत के लिए नहीं थीं, बल्कि उनसे सच्चा प्यार करती थीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि राजेश खन्ना ने एक वसीयत बनाई थी, जो उनके जाने के बाद रहस्यमयी तरीके से गायब हो गई।

‘अस्पताल में मिलने तक नहीं दिया गया’ (Anita Advani News)
राजेश खन्ना के आखिरी दिनों को याद करते हुए अनीता की आंखें नम हो गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि सुपरस्टार के परिवार (डिंपल कपाड़िया और अन्य) ने उन्हें अस्पताल में मिलने तक नहीं दिया। उन्होंने कहा, “मुझसे झूठ बोला गया कि वह मुझसे मिलना नहीं चाहते। मेरे साथ जो दुर्व्यवहार हुआ, वह बहुत दर्दनाक था। मेरी लड़ाई अब सिर्फ हक की नहीं, बल्कि उस सम्मान की है जो मुझसे छीना गया।”

हार मानने को तैयार नहीं अनीता
जब अनीता से पूछा गया कि क्या वह इस लंबी कानूनी लड़ाई से थक गई हैं? तो उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, “नहीं, मैं कभी नहीं थकूंगी। मैं उन लोगों में से नहीं हूं जिनकी रीढ़ की हड्डी नहीं होती। अन्याय के खिलाफ चुप रहना भी एक अपराध है। अगर मैं आज अपने हक के लिए नहीं बोलूंगी, तो कौन बोलेगा?”
अनीता के इन बयानों ने एक बार फिर राजेश खन्ना के परिवार और उनके बीच की कड़वाहट को उजागर कर दिया है। कोर्ट ने भले ही उनके दावे को खारिज कर दिया हो, लेकिन अनीता आडवाणी ने साफ कर दिया है कि वह इस मामले को ऊपरी अदालत में ले जाने और अपनी गरिमा के लिए लड़ने से पीछे नहीं हटेंगी।


