जोधपुर। परीक्षा देने के लिए दूसरे शहरों में जाने वाले अभ्यर्थियों को अब रोडवेज की नि:शुल्क यात्रा सुविधा में बड़ी राहत मिली है। पहले जहां यात्रा से 36 घंटे पहले ऑनलाइन पंजीयन कराना अनिवार्य था, वहीं अब अभ्यर्थी यात्रा से एक घंटे पहले तक भी पंजीयन करवाकर निशुल्क यात्रा कर सकेंगे। रोडवेज प्रशासन ने तकनीकी खामियों को दूर करते हुए सॉफ्टवेयर भी अपग्रेड किया है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में रोडवेज ने नि:शुल्क बस यात्रा में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से 36 घंटे पूर्व ऑनलाइन पंजीयन अनिवार्य किया था।
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यह नियम कई अभ्यर्थियों के लिए परेशानी का कारण बन गया। तकनीकी खामियों और पोर्टल में दिक्कतों के चलते कई अभ्यर्थियों का समय पर पंजीयन नहीं हो पाया। परीक्षा देना जरूरी होने के कारण उन्हें किराया देकर यात्रा करनी पड़ी।
अब किया सॉफ्टवेयर अपग्रेड
रोडवेज प्रबंधन ने अभ्यर्थियों की परेशानी को देखते हुए 36 घंटे पूर्व अनिवार्य पंजीयन की समय सीमा घटाकर एक घंटा कर दी है। इसके साथ ही सॉफ्टवेयर को भी अपग्रेड किया गया है, जिससे तकनीकी समस्याएं काफी हद तक दूर हो गई हैं। अब ईटीएम मशीन में पंजीयन करते ही संबंधित अभ्यर्थी का डेटा स्वत: अपडेट हो जाएगा। इससे टिकट जारी करने में परेशानी नहीं आएगी और अभ्यर्थियों को बार-बार पोर्टल की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा।
इस तरह के मामले आए थे सामने
पिछले दिनों बाड़मेर से जोधपुर परीक्षा देने आ रही एक महिला अभ्यर्थी ने बस में प्रवेश पत्र दिखाकर निशुल्क टिकट की मांग की थी, लेकिन ऑनलाइन पंजीयन नहीं होने के कारण उसका डेटा मशीन में उपलब्ध नहीं था। ऐसे में कंडक्टर ने नियमों का हवाला देते हुए नि:शुल्क टिकट देने से मना कर दिया और अभ्यर्थी को टिकट खरीदना पड़ा। परीक्षा से पहले अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने से अभ्यर्थी निराश हो गई थी। उसने बताया था कि ऑनलाइन पंजीयन के लिए कई बार प्रयास किए, लेकिन तकनीकी गड़बड़ी के कारण सफलता नहीं मिली।
मशीन में डेटा नहीं होता था अपडेट
रोडवेज कर्मियों ने भी माना था कि इस तरह की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। कई अभ्यर्थी पोर्टल नहीं चलने और तकनीकी त्रुटियों की शिकायत कर रहे थे। मशीन में डेटा अपडेट नहीं होने से कंडक्टर भी विवश हो जाते थे। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं का कहना था कि परीक्षा के तनाव के बीच पोर्टल की जटिल प्रक्रिया और तकनीकी दिक्कतों ने उनकी परेशानी बढ़ा दी थी। अब नए बदलाव के बाद अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है।


