Rajasthan DLC Rates: राजस्थान में एक बार फिर डीएलसी दरों में बढ़ोतरी की तैयारी शुरू हो गई है। वित्त विभाग ने सभी जिला कलक्टरों को बाजार भाव के अनुसार नई दरें तय करने के निर्देश दिए हैं। प्रस्ताव लागू होने पर पिछले ढाई साल में यह चौथी बड़ी बढ़ोतरी होगी।
इसी वर्ष अप्रेल में भी डीएलसी दरों में 10 फीसदी इजाफा किया गया था। वित्त विभाग के निर्देशों के अनुसार जून के तीसरे सप्ताह तक सभी जिलों में डीएलसी समितियों की बैठक करना अनिवार्य होगा। सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों ने जमीनों के नए मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सरकार का तर्क: ‘व्यावहारिक’ और ‘तर्कसंगत’ बनाई जाएं दरें
सरकार का तर्क है कि प्रदेश के कई हिस्सों, विशेषकर नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और रीको औद्योगिक क्षेत्रों के आसपास जमीनों की वास्तविक कीमत सरकारी दरों से कहीं ज्यादा हो चुकी है। ऐसे में नई दरें बाजार परिस्थितियों और विकास गतिविधियों को देखते हुए व्यावहारिक और तर्कसंगत बनाई जाएं। दूसरी तरफ डीएलसी दरें फिर से बढ़ने पर घर लेना मध्यम वर्ग की पहुंच से बाहर होना तय है।
ऐसे बिगड़ेगा आपका बजट
- स्टांप ड्यूटी: जमीन या मकान की कीमत कागज पर बढ़ते ही उस पर लगने वाली स्टांप ड्यूटी की राशि बढ़ जाती है।
- रजिस्ट्रेशन शुल्क: प्रॉपर्टी के सरकारी मूल्य के आधार पर ही रजिस्ट्रेशन फीस तय होती है, जो अब महंगी हो जाएगी।
- राजधानी जयपुर में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर है। दिसंबर 2024 में यहां 10 से 30 फीसदी तक की भारी वृद्धि की गई थी, इसके बाद अप्रेल 2026 में फिर 10 फीसदी दरें बढ़ाई गईं। अब दो महीने के भीतर ही दोबारा समीक्षा के आदेश ने रियल एस्टेट सेक्टर और आम खरीदारों की चिंता बढ़ा दी है।
पिछले 4 सालों का डीएलसी दर वृद्धि ग्राफ
- अप्रेल 2022: 10% की बढ़ोतरी
- अप्रेल 2023: 10% की बढ़ोतरी
- अप्रेल 2024: 10% की बढ़ोतरी
- दिसंबर 2024: 10% से 30% तक विशेष वृद्धि
- अप्रेल 2026: 10% की बढ़ोतरी
मध्यम वर्ग की पहुंच से बाहर हो रहा घर लेना
बार-बार बढ़ती डीएलसी दरों और निर्माण सामग्री की महंगाई से मध्यम वर्ग के लिए घर खरीदना कठिन होता जा रहा है। इससे न केवल नए खरीदार कम होंगे, साथ ही प्रॉपर्टी बाजार में नकद लेन-देन बढ़ने की आशंका रहती है।
अखिलेश जोशी, पूर्व महासचिव द डिस्टि्क एडवोकेट बार एसोसिएशन जयपुर


