कटिहार के कुर्सेला थाना क्षेत्र के गंगा पार स्थित एक गांव से नाबालिग बच्चों की जबरन शादी कराने का मामला सामने आया है। घटना से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस और जिला प्रशासन मामले की गंभीरता से जांच में जुट गए हैं। शादी के बाद दोनों को साथ भेजा स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि गांव के कुछ लोगों ने दो नाबालिगों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इसके बाद ग्रामीणों की भीड़ ने किशोर का आधा सिर मुंडवा दिया और सार्वजनिक रूप से किशोरी की मांग में सिंदूर भरवाकर दोनों की शादी करा दी। वीडियो में यह भी दावा किया जा रहा है कि शादी के बाद दोनों को साथ भेज दिया गया। उम्र का सत्यापन स्कूल रिकॉर्ड के आधार पर घटना को लेकर बच्चों की उम्र को लेकर भी अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। एक वायरल वीडियो में किशोर खुद को 16 वर्ष का बता रहा है, जबकि दूसरे वीडियो में लड़के की उम्र 12 वर्ष और लड़की की उम्र 11 वर्ष बताई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि वास्तविक उम्र का सत्यापन स्कूल रिकॉर्ड और मेडिकल जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। चार नामजद आरोपियों पर केस दर्ज कुर्सेला थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि वायरल वीडियो पुलिस के संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा, “मामले की जांच के लिए पुलिस टीम गांव भेजी गई थी। प्राथमिक जांच के आधार पर चार नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। दोनों बच्चों और उनके परिजनों की तलाश की जा रही है। उम्र सत्यापन के लिए स्कूल रिकॉर्ड और मेडिकल बोर्ड की सहायता ली जाएगी।” बाल विवाह कानून के तहत सख्त प्रावधान बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के अनुसार लड़की की न्यूनतम वैधानिक उम्र 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष निर्धारित है। इससे कम उम्र में विवाह कराना, करवाना या उसमें शामिल होना कानूनन अपराध है। दोषी पाए जाने पर दो वर्ष तक की सजा और एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा, जुवेनाइल जस्टिस (केयर एंड प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन) एक्ट के तहत नाबालिगों के साथ किसी भी प्रकार की मानसिक या शारीरिक प्रताड़ना दंडनीय अपराध मानी जाती है। कथित तौर पर किशोर का सिर मुंडवाना भी इसी श्रेणी में आ सकता है। पॉक्सो एक्ट के तहत भी हो सकती है कार्रवाई यदि वायरल वीडियो में किए जा रहे दावे सही पाए जाते हैं और मामला नाबालिगों से जुड़ा है, तो पॉक्सो एक्ट के तहत भी कार्रवाई संभव है। कानून के अनुसार, नाबालिग की सहमति कानूनी रूप से मान्य नहीं मानी जाती। जिला बाल संरक्षण इकाई भी सक्रिय जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी ने कहा कि वायरल वीडियो की सत्यता की जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा, “यदि बाल विवाह की पुष्टि होती है तो कानूनी प्रक्रिया के तहत विवाह को निरस्त कराने की कार्रवाई की जाएगी। दोनों बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर उनकी काउंसलिंग और पुनर्वास सुनिश्चित किया जाएगा।” कटिहार के कुर्सेला थाना क्षेत्र के गंगा पार स्थित एक गांव से नाबालिग बच्चों की जबरन शादी कराने का मामला सामने आया है। घटना से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस और जिला प्रशासन मामले की गंभीरता से जांच में जुट गए हैं। शादी के बाद दोनों को साथ भेजा स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि गांव के कुछ लोगों ने दो नाबालिगों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इसके बाद ग्रामीणों की भीड़ ने किशोर का आधा सिर मुंडवा दिया और सार्वजनिक रूप से किशोरी की मांग में सिंदूर भरवाकर दोनों की शादी करा दी। वीडियो में यह भी दावा किया जा रहा है कि शादी के बाद दोनों को साथ भेज दिया गया। उम्र का सत्यापन स्कूल रिकॉर्ड के आधार पर घटना को लेकर बच्चों की उम्र को लेकर भी अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। एक वायरल वीडियो में किशोर खुद को 16 वर्ष का बता रहा है, जबकि दूसरे वीडियो में लड़के की उम्र 12 वर्ष और लड़की की उम्र 11 वर्ष बताई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि वास्तविक उम्र का सत्यापन स्कूल रिकॉर्ड और मेडिकल जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। चार नामजद आरोपियों पर केस दर्ज कुर्सेला थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि वायरल वीडियो पुलिस के संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा, “मामले की जांच के लिए पुलिस टीम गांव भेजी गई थी। प्राथमिक जांच के आधार पर चार नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। दोनों बच्चों और उनके परिजनों की तलाश की जा रही है। उम्र सत्यापन के लिए स्कूल रिकॉर्ड और मेडिकल बोर्ड की सहायता ली जाएगी।” बाल विवाह कानून के तहत सख्त प्रावधान बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के अनुसार लड़की की न्यूनतम वैधानिक उम्र 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष निर्धारित है। इससे कम उम्र में विवाह कराना, करवाना या उसमें शामिल होना कानूनन अपराध है। दोषी पाए जाने पर दो वर्ष तक की सजा और एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा, जुवेनाइल जस्टिस (केयर एंड प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन) एक्ट के तहत नाबालिगों के साथ किसी भी प्रकार की मानसिक या शारीरिक प्रताड़ना दंडनीय अपराध मानी जाती है। कथित तौर पर किशोर का सिर मुंडवाना भी इसी श्रेणी में आ सकता है। पॉक्सो एक्ट के तहत भी हो सकती है कार्रवाई यदि वायरल वीडियो में किए जा रहे दावे सही पाए जाते हैं और मामला नाबालिगों से जुड़ा है, तो पॉक्सो एक्ट के तहत भी कार्रवाई संभव है। कानून के अनुसार, नाबालिग की सहमति कानूनी रूप से मान्य नहीं मानी जाती। जिला बाल संरक्षण इकाई भी सक्रिय जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी ने कहा कि वायरल वीडियो की सत्यता की जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा, “यदि बाल विवाह की पुष्टि होती है तो कानूनी प्रक्रिया के तहत विवाह को निरस्त कराने की कार्रवाई की जाएगी। दोनों बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर उनकी काउंसलिंग और पुनर्वास सुनिश्चित किया जाएगा।”


