भीलवाड़ा/जयपुर। राजस्थान और मध्यप्रदेश अब केवल पड़ोसी राज्य नहीं, बल्कि प्रगति के ‘प्राकृतिक सहयोगी’ बनकर उभर रहे हैं। गुरुवार को भीलवाड़ा में आयोजित “मध्यप्रदेश में निवेश के अवसर” इंटरैक्टिव सेशन के दौरान एमपी के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक ऐतिहासिक और भावनात्मक बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नदियों का मायका होने के नाते मध्यप्रदेश, राजस्थान की प्यास बुझाने के लिए अपने हिस्से का पानी देने को भी सहर्ष तैयार है।
अधिकारी ना कहेंगे, मैं हाँ कहूँग : CM मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पार्वती-कालीसिंध-चंबल (PKC) परियोजना का उल्लेख करते हुए एक बेहद सकारात्मक रुख अपनाया। उन्होंने कहा:
- पानी पर उदारता: “नदियों का मायका मध्यप्रदेश है। अगर हमारे हिस्से का थोड़ा पानी राजस्थान ज्यादा ले लेगा तो हमें कोई फर्क नहीं पड़ेगा, बल्कि खुशी होगी। दोनों राज्य साथ आगे बढ़ें, यही सच्ची प्रगति है।”
- प्रशासनिक अड़चनें खत्म: मुख्यमंत्री ने एक दिलचस्प किस्सा साझा करते हुए बताया, “जब अधिकारियों ने मुझसे कहा कि चंबल का पानी हम नहीं दे सकते, तो मैंने उनसे कहा—आप फाइल पर ‘ना’ लिख दीजिए, मैं मुख्यमंत्री हूँ, मैं उस पर ‘हाँ’ लिख दूँगा।”
भीलवाड़ा के टेक्सटाइल दिग्गजों को न्योता
भीलवाड़ा, जो भारत का ‘मैन्चेस्टर’ कहलाता है, वहां के 250 से अधिक औद्योगिक समूहों और निवेशकों ने इस सत्र में भाग लिया।
- विशेष प्रोत्साहन: मुख्यमंत्री ने बताया कि बड़े निवेश प्रस्तावों के लिए कैबिनेट कमिटी ऑन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन (CCIP) के माध्यम से कस्टमाइज्ड पैकेज दिए जा रहे हैं।
- औद्योगिक पार्कों की सौगात: एमपी प्रशासन ने इंदौर के पीएम मित्र पार्क, रतलाम के मेगा इन्वेस्टमेंट पार्क और उज्जैन के मेडिकल डिवाइस पार्क जैसे अवसरों की विस्तृत प्रस्तुति दी।
- सुझाव: मारवाड़ चैंबर ऑफ कॉमर्स ने नीमच क्षेत्र में टेक्निकल टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट पार्क विकसित करने का महत्वपूर्ण सुझाव दिया।

MP मॉडल को राजस्थान के उद्यमियों ने सराहा
RTMA के चेयरमैन डॉ. एस.एन. मोदानी ने मध्यप्रदेश की पारदर्शी और त्वरित कार्यशैली की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि एमपी का मॉडल उद्योगों को एक प्रतिस्पर्धी वातावरण प्रदान करता है। कार्यक्रम के दौरान प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह ने एक्सपोर्ट फ्रेट सब्सिडी और तकनीकी सपोर्ट जैसी नीतियों पर विस्तार से जानकारी दी।
राजस्थान-MP इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की आहट
इस कार्यक्रम में भीलवाड़ा सांसद दामोदर अग्रवाल, संगम ग्रुप के आर.पी. सोनी और नितिन स्पिनर्स के दिनेश नोलखा सहित कई दिग्गज शामिल हुए। उद्योगपतियों के साथ हुई ‘वन-टू-वन’ बैठकों में टेक्सटाइल, ऊर्जा और उर्वरक क्षेत्र के कई संभावित निवेश प्रस्तावों पर चर्चा हुई। यह संवाद सत्र दोनों राज्यों के बीच एक मजबूत आर्थिक सेतु का काम करेगा।
जल बंटवारे से जल सहयोग तक का सफर
दशकों तक चंबल के पानी को लेकर दोनों राज्यों के बीच कानूनी और राजनीतिक खींचतान चलती रही है। लेकिन डॉ. मोहन यादव के इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि वर्तमान में दोनों राज्यों की भाजपा सरकारें जनसेवा और विकास के लिए आपसी संवाद और सकारात्मकता को प्राथमिकता दे रही हैं।


