Rajasthan New Bypass: राजस्थान के इस जिले में बनेंगे 2 बाईपास, जमीन अधिग्रहण जल्द; जाम से मिलेगी राहत

Rajasthan New Bypass: राजस्थान के इस जिले में बनेंगे 2 बाईपास, जमीन अधिग्रहण जल्द; जाम से मिलेगी राहत

सीकर। सीकर शहर व धोद के लोगों के लिए राहतभरी खबर है। फतेहपुर रोड को नवलगढ़ रोड से जोड़ने के लिए तैयार होने वाले बाईपास का पूरा खाका स्वायत्त शासन विभाग ने तैयार कर लिया है। विभाग ने जमीन अधिग्रहण की तैयारी लगभग पूरी कर ली है। जगमालपुरा व भादवासी इलाके 43 खसरों से जमीन अधिग्रहण होनी है। कई खातेदारों के न्यायालय का स्थगन लागू रहेगा।

इधर, धोद बाईपास के लिए अधिसूचना जारी हो गई है। शिक्षानगरी सीकर में नया बाईपास बनने से जाम की समस्या से राहत मिल सकेगी। गौरतलब है कि फतेहपुर रोड को नवलगढ़ रोड से जोड़ने वाले बाईपास का मामला दो साल से उलझा हुआ है।

sikar city
शिक्षानगरी में रोज इस तरह जाम की स्थिति रहती है। बाईपास बनने से इससे निजात मिलेगी।

अब विभाग ने इस कार्य को जल्द शुरू कराने के लिए नए सिरे से रोडमैप तैयार किया है। एक्सपर्ट का कहना है कि शिक्षानगरी में बढ़ते यातायात के दवाब को कम करने के लिए अलग से यातायात प्लान होना जरूरी है।

धोद बाईपास के लिए लेंगे 94 खसरों से भूमि

सीकर-लोसल मार्ग पर तैयार होने वाले धोद बाईपास के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग ने अधूिसचना जारी की है। इसके तहत धोद व रामबक्सपुरा के 94 खसरों से जमीन का अधिग्रहण होना है। धोद बाईपास बनने से इलाके के लोगों को काफी राहत मिल सकेगी। धोद बाईपास से इलाके में रोजगार का नया कॉरिडोर भी शुरू हो सकेगा।

रींगस व खाटू को भी चाहिए नया बाईपास

रींगस और खाटूश्यामजी इलाके में भी लगातार जाम की समस्या बढ़ रही है। इलाके के लोगों की ओर से लंबे अर्से से रींगस व खाटूश्यामजी में बाईपास की मांग की जा रही है। खाटूश्यामजी इलाके में रिंग रोड प्रोजेक्ट को लेकर भी कई बार चर्चा हो चुकी है। लोगों ने बताया कि सरकार की ओर से दोनों प्रोजेक्टों को मंजूरी दी जाती है तो काफ राहत मिल सकती है।

पत्रिका ने उठाया मुद्दा

शिक्षानगरी के अटके बाईपास का मामला राजस्थान पत्रिका ने पिछले दिनों प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद स्वायत्त विभाग ने जमीन अधिग्रहण की अधिसूचना जारी की है। धोद में बाईपास नहीं होने से आमजन को होने वाली समस्या का मुद्दा भी पत्रिका ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। पत्रिका में लगातार समाचारों के प्रकाशित होने के बाद जनप्रतिनिधियों व स्थानीय लोगों ने भी इसको लेकर आवाज बुलंद की थी। इधर इस मांग के पूरे होने पर शहरवासियों ने राजस्थान पत्रिका को साधुवाद दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *