R Sarath Passes Away: मलयालम सिनेमा से बेहद दुखद खबर आ रही है। नेशनल अवॉर्ड विनर और वरिष्ठ फिल्म निर्माता आर. सरथ का निधन हो गया है। उन्होंने सोमवार को दुनिया को 63 साल की उम्र में अलविदा कहा। वह पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे, जिसके चलते सरथ को तिरुवनंतपुरम के एक निजी अस्पताल में भर्ती भी कराया गया था और वहीं उन्होंने अंतिम सांस ली। जैसे ही उनके निधन की खबर आई इंडस्ट्री और सोशल मीडिया पर मातम छा गया। वह अपने पीछे पत्नी और 2 बेटे छोड़ गए हैं।
आर. सरथ का हुआ निधन
केरल के कोल्लम जिले के पुनालूर से ताल्लुक रखने वाले आर. सरथ ने साल 2000 में फिल्म ‘सयाह्नम’ से बतौर निर्देशक और स्क्रीनप्ले राइटिंग से अपने फिल्मी सफर की शुरुआत की थी। उनकी पहली ही फिल्म ने भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक अनूठी मिसाल कायम की थी।
इस फिल्म ने न सिर्फ 7 केरल राज्य फिल्म पुरस्कार अपने नाम किए, बल्कि इसे सर्वश्रेष्ठ प्रथम फिल्म के लिए प्रतिष्ठित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय पुरस्कार से भी नवाजा गया था। साल 2001 में इस फिल्म को म्यूनिख इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भी प्रदर्शित किया गया था, जिससे इंटरनेशनल लेवल पर उनके काम को जबरदस्त पहचान मिली।

आर. सरथ को मिले कई पुरस्कार
सरथ का सिनेमा केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं था। उन्होंने हमेशा गंभीर सामाजिक मुद्दों और लोगों के दर्द को पर्दे पर उतारा। साल 2003 में आई उनकी फिल्म ‘स्थिति’ (बैंकॉक फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित) और 2006 की ‘शीलावती’ (एशिया पैसिफिक फिल्म फेस्टिवल, ताइवान में प्रदर्शित) ने खूब तारीफें बटोरीं थीं।
साल 2011 में उन्होंने भारत-चीन के सहयोग से बनी फिल्म ‘द डिजायर: ए जर्नी ऑफ अ वुमन’ का निर्देशन और सह-लेखन किया था। इसके अलावा 2012 की फिल्म ‘पैराडाइज’ को मैक्सिको और एम्स्टर्डम फिल्म फेस्टिवल में सम्मानित किया गया था। वहीं, उनके निधन पर शशि थरूर ने भी दुख जताया और लिखा, “मुझे यह जानकर बहुत दुख हुआ कि आर. सरथ, जो एक पक्के इरादे वाले फिल्ममेकर और मेरे दोस्त थे, अब हमारे बीच नहीं रहे।”
1996 में जूनियर फेलोशिप से हुए थे सम्मानित
एक फिल्मकार होने के साथ-साथ आर. सरथ एक जाने-माने आर्ट रिसर्चर भी थे। अपनी डॉक्यूमेंट्री ‘द पेंटेड एपिक्स’ के सिलसिले में किए जा रही रिसर्च के दौरान उन्होंने किलिमानूर मंदिर में प्रसिद्ध चित्रकार राजा रवि वर्मा से जुड़े बेहद दुर्लभ भित्तिचित्रों (Mural Paintings) की खोज की थी। इस ऐतिहासिक खोज के लिए और सांस्कृतिक विरासत में उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार के सांस्कृतिक विभाग ने 1996 में उन्हें जूनियर फेलोशिप से सम्मानित किया था।
अपने करियर में 1 राष्ट्रीय पुरस्कार, 4 राज्य पुरस्कार और 9 अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाले आर. सरथ का जाना भारतीय सिनेमा और कला शोध के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

