R Praggnanandhaa ने Anish Giri को दी मात, Chess Olympiad में Indian Team की 3-1 से जीत

R Praggnanandhaa ने Anish Giri को दी मात, Chess Olympiad में Indian Team की 3-1 से जीत

समरकंद में चल रहे 46वें शतरंज ओलंपियाड में भारतीय पुरुष टीम ने रविवार को नीदरलैंड्स के खिलाफ 3-1 से जीत दर्ज की। इस मुकाबले में सबसे ज्यादा नजरें प्रज्ञानानंदा और अनीश गिरी की बाजी पर थीं। पहले बोर्ड पर उतरे प्रज्ञानानंदा ने गिरी को हराकर टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत हासिल की, जबकि निचले बोर्ड पर विश्व चैंपियन डी. गुकेश ने भी जीत दर्ज की है।भारत और नीदरलैंड्स के बीच रविवार को हुए मुकाबले में शतरंज प्रेमियों की नजरें पहले बोर्ड पर टिकी थीं। यहां भारत के आर. प्रज्ञानानंदा का सामना नीदरलैंड्स के नंबर एक खिलाड़ी अनीश गिरी से हुआ। प्रज्ञानानंदा ने लंबे और कड़े मुकाबले में गिरी को मात देकर 46वें शतरंज ओलंपियाड में अपनी पहली जीत दर्ज की। इस जीत के साथ भारतीय पुरुष टीम ने नीदरलैंड्स को 3-1 से हरा दिया है।मौजूद जानकारी के अनुसार प्रज्ञानानंदा को इस ओलंपियाड में पहले बोर्ड की जिम्मेदारी दी गई है। इसका मतलब है कि उन्हें हर मुकाबले में टीम के सबसे मजबूत संभावित प्रतिद्वंद्वी का सामना करना पड़ सकता है। विश्व चैंपियन डी. गुकेश को चौथे बोर्ड पर उतारे जाने के बाद शतरंज जगत में इस फैसले को लेकर चर्चा जरूर हुई थी, लेकिन प्रज्ञानानंदा की मौजूदा शानदार फॉर्म को देखते हुए पहले बोर्ड पर उनकी मौजूदगी पर सवाल नहीं उठे।गौरतलब है कि चेन्नई के इस ग्रैंडमास्टर ने हाल के महीनों में शानदार प्रदर्शन किया है। साल की शुरुआत में साइप्रस कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था, लेकिन इसके बाद उन्होंने जबरदस्त वापसी की। नॉर्वे शतरंज प्रतियोगिता जीतने के दौरान उन्होंने दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को दो बार हराया। इसके बाद पिछले महीने उन्होंने ग्रैंड चेस टूर फाइनल्स का खिताब भी अपने नाम किया।इस उपलब्धि के साथ प्रज्ञानानंदा इस प्रतियोगिता को जीतने वाले केवल सातवें खिलाड़ी और पहले भारतीय बने। उनके लगातार बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद ने भी हाल में कहा था कि इस समय प्रज्ञानानंदा को दुनिया का नंबर एक खिलाड़ी माना जा सकता है।ओलंपियाड के पहले दिन आराम करने के बाद प्रज्ञानानंदा ने दूसरे दिन से पहले बोर्ड पर खेलना शुरू किया था। हालांकि शुरुआती तीन मुकाबलों में उन्हें लगातार तीन ड्रॉ से संतोष करना पड़ा। नीदरलैंड्स के खिलाफ पांचवें दौर में उन्होंने सफेद मोहरों से खेलते हुए गिरी के खिलाफ धैर्य के साथ बढ़त बनाई।मुकाबले की शुरुआत रुई लोपेज चाल से हुई। बीच के खेल में प्रज्ञानानंदा ने लगातार दबाव बनाया और एक मौके पर अपनी प्यादों की स्थिति कमजोर होने के बावजूद ऐसी चाल चली, जिससे उन्हें हाथी के बदले ऊंट का फायदा मिला। इसके बाद उन्होंने अपनी मोहरों को बेहतर तालमेल के साथ इस्तेमाल किया। रानी की अदला-बदली के बाद मुकाबला कठिन स्थिति में पहुंचा, लेकिन प्रज्ञानानंदा ने गिरी के आगे बढ़े प्यादे को रोकते हुए उनकी वापसी की संभावनाएं खत्म कर दीं। आखिर में हाथी और घोड़े की मदद से उन्होंने जीत पक्की कर ली।भारत की ओर से अर्जुन एरिगैसी और निहाल सरीन ने अपने-अपने मुकाबले ड्रॉ खेले। वहीं चौथे बोर्ड पर उतरे गुकेश ने अनुभवी एर्विन एल’आमी को हराकर टीम की जीत में योगदान दिया है।महिला वर्ग में भारत को पोलैंड के खिलाफ 1.5-2.5 से हार का सामना करना पड़ा। यह ओलंपियाड में पोलैंड के खिलाफ भारत की लगातार तीसरी हार है। इससे पहले 2022 में चेन्नई और 2024 में बुडापेस्ट में भी भारतीय टीम को पोलैंड से हार मिली थी।इस मुकाबले में वैशाली रमेशबाबू को एलेक्जेंड्रा माल्त्सेव्स्काया के हाथों हार मिली, जबकि कोनेरू हम्पी, दिव्या देशमुख और वंतिका अग्रवाल ने अपने मुकाबले ड्रॉ किए। सोमवार को पुरुष टीम मेजबान उज्बेकिस्तान से भिड़ेगी, जबकि भारतीय महिला टीम का सामना अमेरिका से होना है। 

समरकंद में चल रहे 46वें शतरंज ओलंपियाड में भारतीय पुरुष टीम ने रविवार को नीदरलैंड्स के खिलाफ 3-1 से जीत दर्ज की। इस मुकाबले में सबसे ज्यादा नजरें प्रज्ञानानंदा और अनीश गिरी की बाजी पर थीं। पहले बोर्ड पर उतरे प्रज्ञानानंदा ने गिरी को हराकर टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत हासिल की, जबकि निचले बोर्ड पर विश्व चैंपियन डी. गुकेश ने भी जीत दर्ज की है।

भारत और नीदरलैंड्स के बीच रविवार को हुए मुकाबले में शतरंज प्रेमियों की नजरें पहले बोर्ड पर टिकी थीं। यहां भारत के आर. प्रज्ञानानंदा का सामना नीदरलैंड्स के नंबर एक खिलाड़ी अनीश गिरी से हुआ। प्रज्ञानानंदा ने लंबे और कड़े मुकाबले में गिरी को मात देकर 46वें शतरंज ओलंपियाड में अपनी पहली जीत दर्ज की। इस जीत के साथ भारतीय पुरुष टीम ने नीदरलैंड्स को 3-1 से हरा दिया है।

मौजूद जानकारी के अनुसार प्रज्ञानानंदा को इस ओलंपियाड में पहले बोर्ड की जिम्मेदारी दी गई है। इसका मतलब है कि उन्हें हर मुकाबले में टीम के सबसे मजबूत संभावित प्रतिद्वंद्वी का सामना करना पड़ सकता है। विश्व चैंपियन डी. गुकेश को चौथे बोर्ड पर उतारे जाने के बाद शतरंज जगत में इस फैसले को लेकर चर्चा जरूर हुई थी, लेकिन प्रज्ञानानंदा की मौजूदा शानदार फॉर्म को देखते हुए पहले बोर्ड पर उनकी मौजूदगी पर सवाल नहीं उठे।

गौरतलब है कि चेन्नई के इस ग्रैंडमास्टर ने हाल के महीनों में शानदार प्रदर्शन किया है। साल की शुरुआत में साइप्रस कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था, लेकिन इसके बाद उन्होंने जबरदस्त वापसी की। नॉर्वे शतरंज प्रतियोगिता जीतने के दौरान उन्होंने दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को दो बार हराया। इसके बाद पिछले महीने उन्होंने ग्रैंड चेस टूर फाइनल्स का खिताब भी अपने नाम किया।

इस उपलब्धि के साथ प्रज्ञानानंदा इस प्रतियोगिता को जीतने वाले केवल सातवें खिलाड़ी और पहले भारतीय बने। उनके लगातार बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद ने भी हाल में कहा था कि इस समय प्रज्ञानानंदा को दुनिया का नंबर एक खिलाड़ी माना जा सकता है।

ओलंपियाड के पहले दिन आराम करने के बाद प्रज्ञानानंदा ने दूसरे दिन से पहले बोर्ड पर खेलना शुरू किया था। हालांकि शुरुआती तीन मुकाबलों में उन्हें लगातार तीन ड्रॉ से संतोष करना पड़ा। नीदरलैंड्स के खिलाफ पांचवें दौर में उन्होंने सफेद मोहरों से खेलते हुए गिरी के खिलाफ धैर्य के साथ बढ़त बनाई।

मुकाबले की शुरुआत रुई लोपेज चाल से हुई। बीच के खेल में प्रज्ञानानंदा ने लगातार दबाव बनाया और एक मौके पर अपनी प्यादों की स्थिति कमजोर होने के बावजूद ऐसी चाल चली, जिससे उन्हें हाथी के बदले ऊंट का फायदा मिला। इसके बाद उन्होंने अपनी मोहरों को बेहतर तालमेल के साथ इस्तेमाल किया। रानी की अदला-बदली के बाद मुकाबला कठिन स्थिति में पहुंचा, लेकिन प्रज्ञानानंदा ने गिरी के आगे बढ़े प्यादे को रोकते हुए उनकी वापसी की संभावनाएं खत्म कर दीं। आखिर में हाथी और घोड़े की मदद से उन्होंने जीत पक्की कर ली।

भारत की ओर से अर्जुन एरिगैसी और निहाल सरीन ने अपने-अपने मुकाबले ड्रॉ खेले। वहीं चौथे बोर्ड पर उतरे गुकेश ने अनुभवी एर्विन एल’आमी को हराकर टीम की जीत में योगदान दिया है।

महिला वर्ग में भारत को पोलैंड के खिलाफ 1.5-2.5 से हार का सामना करना पड़ा। यह ओलंपियाड में पोलैंड के खिलाफ भारत की लगातार तीसरी हार है। इससे पहले 2022 में चेन्नई और 2024 में बुडापेस्ट में भी भारतीय टीम को पोलैंड से हार मिली थी।

इस मुकाबले में वैशाली रमेशबाबू को एलेक्जेंड्रा माल्त्सेव्स्काया के हाथों हार मिली, जबकि कोनेरू हम्पी, दिव्या देशमुख और वंतिका अग्रवाल ने अपने मुकाबले ड्रॉ किए। सोमवार को पुरुष टीम मेजबान उज्बेकिस्तान से भिड़ेगी, जबकि भारतीय महिला टीम का सामना अमेरिका से होना है।

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