पंजाबी युवती कनाडा पुलिस में ऑफिसर बनी:भाई की शादी में आईं तो टेस्ट छूटा, दोबारा तैयारी की, पिता बोले- चीफ हेड बनने का सपना

पंजाबी युवती कनाडा पुलिस में ऑफिसर बनी:भाई की शादी में आईं तो टेस्ट छूटा, दोबारा तैयारी की, पिता बोले- चीफ हेड बनने का सपना

पंजाबी युवती का कनाडा पुलिस में पीस ऑफिसर के पद पर चयन हुआ है। वह मामा के कहने पर 12वीं के बाद कनाडा पहुंची, यहां पर ग्रेजुएशन किया। पहली बार भाई की शादी में आने के कारण उनका का टेस्ट छूट गया था। इसके बाद दोबारा तैयारी की, अब पुलिस में नौकरी मिली है। उनके पिता गांव के सरपंच हैं। वह कनाडा में मैनीटोवा के विनिपेग शहर में रहती हैं। 3 मई को उन्होंने पुलिस की नौकरी जॉइन की। उनकी टीम 15 से 20 कर्मी होते हैं, शहर में शांति बनाए रखना मुख्य काम होता है। पिता ने कहा कि बेटी का सपना चीफ हेड बनना है, जिसके लिए 7 साल लगाकर नौकरी करने के बाद आवेदन कर सकते हैं। वहीं उनको बधाई देने के लिए घर पर लोगों का तांता लगा हुआ है। 2012 में मामा के कहने पर कनाडा गईं मोगा के गांव मल्लके के सरपंच राजा मल्लके के अनुसार, उनकी बेटी जसदीप कौर बराड़ ने कड़ी मेहनत और लगन से कनाडा पुलिस में ‘पीस ऑफिसर’ के पद तक का सफर तय किया। जसदीप कौर बराड़ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई 12वीं तक मोगा में पूरी की। इसके बाद बेहतर भविष्य और उच्च शिक्षा के लिए साल 2012 में वह कनाडा चली गईं। वहां उनके मामा पहले से रहते थे, जिन्होंने उन्हें कनाडा बुलाया और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। भाई की शादी में आईं तो टेस्ट छूटा पिता ने कहा कि कनाडा पहुंचकर जसदीप ने अपनी पढ़ाई जारी रखी और ग्रेजुएशन किया। इसके बाद उन्होंने वहां के सिस्टम के अनुसार खुद को तैयार किया और पुलिस विभाग में भर्ती होने का लक्ष्य तय किया। इस दौरान उन्हें कड़ी प्रतिस्पर्धा और सख्त चयन प्रक्रिया का सामना करना पड़ा, जिसमें शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक स्तर पर खुद को साबित करना होता है। साल 2023 में जब उनके भाई की शादी थी, तब जसदीप पंजाब आई थीं। इस दौरान उनका पुलिस का टेस्ट छूट गया, जिससे उनके सफर में थोड़ी रुकावट आई। हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और दोबारा तैयारी शुरू कर दी। 3 मई को पुलिस की नौकरी ज्वॉइन की आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और 15 मार्च 2026 को उन्होंने पुलिस का टेस्ट सफलतापूर्वक पास कर लिया। इसके बाद 3 मई 2026 को उन्होंने ‘पीस ऑफिसर’ के पद पर अपनी नौकरी ज्वॉइन कर ली। सरपंच राजा मल्लके ने बताया कि जसदीप की यह उपलब्धि उनकी कड़ी मेहनत, लगन और परिवार के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि कनाडा जैसे विकसित देश में पुलिस विभाग में नौकरी पाना आसान नहीं होता, लेकिन जसदीप ने अपने दृढ़ इरादों से यह संभव कर दिखाया। उन्होंने बेटी की सफलता पर गर्व जताते हुए कहा कि जसदीप ने न केवल परिवार बल्कि पूरे गांव का नाम रोशन किया है। उनकी यह सफलता खासकर युवाओं और बेटियों के लिए प्रेरणादायक है, जो यह साबित करती है कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। पीस ऑफिसर कौन हो सकते हैं? मुख्य जिम्मेदारिया पीस ऑफिसर कैसे बनें? *********** ये खबर भी पढ़ें: अमृतसर की बेटी कनाडा में बनी ऑफिसर: 3 साल तक सिक्योरिटी का काम किया, 2016 में पढ़ने गई थी बिजनेस मैनेजमेंट अमृतसर के ब्लॉक अजनाला की बेटी ने कनाडा पुलिस में करेक्शनल पीस ऑफिसर बनकर पूरे इलाके का नाम रोशन किया है। कोमल 2016 में पढ़ने के लिए कनाडा गई थी। उन्होंने तीन साल तक सिक्योरिटी के तौर अपर भी काम किया, लेकिन हार नहीं मानी और अपना और माता पिता का सपना पूरा किया। 25 वर्षीय कोमलजीत कौर ने कनाडा पुलिस में सुधारात्मक शांति अधिकारी बनने का अपना सपना पूरा किया। (पढ़ें पूरी खबर)

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