Escalating Violence: बलूचिस्तान का इलाका एक बार फिर से भारी हिंसा की चपेट में आ गया है। बलूच लिबरेशन आर्मी ने पाकिस्तान की सेना और सरकारी प्रतिष्ठानों पर ताबड़तोड़ हमलों का बड़ा दावा किया है। मिली जानकारी के अनुसार, विद्रोही गुट ने 25 अप्रैल से 3 मई के बीच पूरे बलूचिस्तान प्रांत में 11 अलग-अलग खतरनाक ऑपरेशन को अंजाम देने की बात कबूली है। इन हमलों के कारण इलाके में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह चरमरा गई है।
लड़ाकों ने पाकिस्तानी सेना के 11 जवानों को मौत के घाट उतार दिया
बीएलए के प्रवक्ता जीयंद बलूच ने मीडिया में बयान जारी करते हुए कहा है कि इन 11 हमलों में उनके लड़ाकों ने पाकिस्तानी सेना के 11 जवानों को मौत के घाट उतार दिया है। इतना ही नहीं, सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि विद्रोही गुट ने पाकिस्तान की मिलिट्री इंटेलिजेंस के तीन अधिकारियों को भी बंधक बनाने का दावा किया है। यह पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है। प्रवक्ता के अनुसार, ये हमले मुख्य रूप से सेना के जवानों, खनिजों को ले जाने वाले बड़े वाहनों और सरकार का साथ देने वाले स्थानीय लोगों को निशाना बनाकर किए गए थे।
उनके पास से खुफिया ट्रैकिंग डिवाइस भी मिले
इन खतरनाक ऑपरेशनों में रिमोट कंट्रोल वाले इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस और ग्रेनेड का जम कर इस्तेमाल किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 25 अप्रैल को मस्तुंग के दश्त इलाके में BLA ने भेष बदलकर घूम रहे तीन MI अफसरों को पकड़ा। विद्रोहियों का दावा है कि उनके पास से खुफिया ट्रैकिंग डिवाइस भी मिले हैं और उनसे किसी अज्ञात स्थान पर कड़ी पूछताछ चल रही है।
विद्रोहियों ने ग्रेनेड से हमला किया, जिसमें 5 लोग घायल हो गए
इसके बाद 26 और 27 अप्रेल को पंजगुर-चेदगी मुख्य मार्ग को विद्रोहियों ने घंटों तक बंद रखा। इस दौरान वहां से गुजरने वाले दर्जनों बड़े ट्रेलरों के टायर पंक्चर कर दिए गए और ड्राइवरों को भविष्य के लिए सख्त चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। विद्रोहियों ने दालबंदिन में एक निर्माण कंपनी के क्वार्टर पर भी ग्रेनेड से हमला किया, जिसमें 5 लोग घायल हो गए। इसके अलावा कलात शहर में सेना के मुख्य कैम्प और पसनी तथा खारन जैसे कई अन्य इलाकों में भी बम धमाके किए गए, जिनमें पाकिस्तानी सेना को भारी जान-माल का नुकसान उठाना पड़ा है।
पाकिस्तानी सेना पर पूरी ताकत के साथ हमले जारी रहेंगे: बीएलए
अगवा किए गए तीन मिलिट्री इंटेलिजेंस अधिकारियों की तलाश और विद्रोहियों के खात्मे के लिए पाकिस्तानी सेना जल्द ही बलूचिस्तान के मस्तुंग और पंजगुर इलाकों में बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन और कॉम्बिंग अभियान शुरू कर सकती है। इंटरनेट और संचार सेवाओं पर भी पाबंदी लगाई जा सकती है।
यह बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों पर कब्जे की जंग
बहरहाल बलूचिस्तान का यह संघर्ष केवल हथियारों का नहीं है, बल्कि इसके पीछे प्राकृतिक संसाधनों पर कब्जे की जंग है। बलूचिस्तान गैस और खनिजों से सबसे अमीर प्रांत है, लेकिन वहां की जनता आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। स्थानीय लोगों और विद्रोहियों का आरोप है कि पाकिस्तानी सरकार चीनी कंपनियों के साथ मिलकर उनके संसाधनों को लूट रही है, जो इस गुस्से और सशस्त्र विद्रोह की सबसे बड़ी वजह है। ( इनपुट : ANI)


