छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (PSC) की 2024 और 2025 की परीक्षाओं को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मांग की है कि 2024 की PSC परीक्षा की दोबारा जांच कराई जाए और 2025 की परीक्षा के इंटरव्यू को तत्काल रोका जाए। उन्होंने कहा कि 2025 की परीक्षा की भी जांच होनी चाहिए और अगर इसमें गड़बड़ी मिलती है तो परीक्षा को निरस्त किया जाए। भूपेश बघेल ने कहा कि 2024 की मुख्य परीक्षा में उत्तर-पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं। उनके मुताबिक, कुछ अभ्यर्थियों की कॉपियों में सही उत्तर देने वालों को कम और गलत उत्तर देने वालों को ज्यादा अंक मिलने के मामले सामने आए हैं। 265 पद, फिर 795 की जगह 608 इंटरव्यू तक कैसे पहुंचे? भूपेश ने 2025 की PSC परीक्षा के आंकड़ों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि PSC ने 265 पदों के लिए भर्ती निकाली थी। 1:3 के अनुपात के हिसाब से 795 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए चयनित किया जाना चाहिए था, लेकिन सिर्फ 608 अभ्यर्थी ही इंटरव्यू तक पहुंचे। आयोग का तर्क है कि 187 अभ्यर्थी न्यूनतम अंक हासिल नहीं कर पाए। भूपेश ने कहा कि आयोग को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर ये अभ्यर्थी न्यूनतम अंक क्यों नहीं ला सके। उन्होंने इंटरव्यू से पहले अभ्यर्थियों को उनकी उत्तर-पुस्तिकाएं उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि मूल्यांकन की प्रक्रिया को लेकर स्थिति साफ हो सके। 2024 में गड़बड़ी के आरोप, तो 2025 की क्या गारंटी? भूपेश ने कहा कि जब 2024 की परीक्षा में कॉपियों के मूल्यांकन को लेकर सवाल उठे हैं, तो यह जांच जरूरी है कि 2025 की परीक्षा में ऐसी कोई गड़बड़ी नहीं हुई। उन्होंने 2024 की परीक्षा की दोबारा जांच और 2025 की परीक्षा की जांच पूरी होने तक इंटरव्यू रोकने की मांग की। कॉपियां सार्वजनिक करने और पुनर्मूल्यांकन की भी मांग पूर्व मुख्यमंत्री ने मांग की कि अभ्यर्थियों की उत्तर-पुस्तिकाएं उपलब्ध कराई जाएं और मूल्यांकनकर्ताओं के चयन के लिए स्पष्ट मानदंड तय किए जाएं। PSC मुख्य परीक्षा के मॉडल उत्तर जारी करने और उत्तर-पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन की भी मांग की गई है। भूपेश ने कहा कि अगर 2025 की परीक्षा की जांच में गड़बड़ी सामने आती है तो इस परीक्षा को निरस्त कर नई प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए।

