गंगा नदी के उत्तर तरफ पटना रिंग रोड के 37.35 किलोमीटर लंबाई वाले दिघवारा से बिदुपर एलाइनमेंट की मंजूरी का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है। वहीं नदी के दक्षिण तरफ इस ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड कॉरिडोर का निर्माण जारी है। 150 किलोमीटर लंबे और 1350 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को घेरने वाली 15,000 करोड़ की पटना रिंग रोड परियोजना के किनारे नियोजित शहरी विस्तार के लिए एक विस्तृत जोन तैयार किया जा रहा है। पटना रिंग रोड प्रधानमंत्री पैकेज और भारतमाला परियोजना का हिस्सा है। यह प्रोजेक्ट भविष्य में पटना और इसके आसपास के क्षेत्रों के शहरी एवं आर्थिक परिदृश्य को बदलने वाला है। अब तक मात्र 39.16 किलोमीटर लंबाई वाले कन्हौली-रामनगर खंड का निर्माण 984 करोड़ की लागत से पूरा हुआ है। गंगा नदी पर दो बड़े पुलों का निर्माण जारी 14.52 किलोमीटर लंबाई वाले शेरपुर-दिघवारा 6 लेन महासेतु को 6292 करोड़ से बनाया जा रहा है। वहीं कच्ची दरगाह से बिदुपुर 6 लेन महासेतु का 95% निर्माण पूरा हो गया है। 19.76 किलोमीटर लंबे इस महासेतु परियोजना की लागत 4988 करोड़ है। इस कॉरिडोर से फायदे रामनगर-कच्ची दरगाह,कन्हौली-शेरपुर का निर्माण शुरू होगा 14.50 किलोमीटर लंबे रामनगर-कच्ची दरगाह हिस्से का निर्माण 1083 करोड़ से शुरू हो रहा है। वहीं 9.98 किलोमीटर लंबे कन्हौली-शेरपुर का निर्माण भी 778 करोड़ से शुरू होने वाला है। इन दोनों हिस्सों का काम एजेंसी को दिया जा चुका है। शीघ्र निर्माण की तिथि तय हो जाएगी। पटना, सारण, गया, अरवल, भोजपुर, समस्तीपुर और वैशाली जिलों के बीच कनेक्टिविटी होगी। सोनपुर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए महत्वपूर्ण रोड लिंक साबित होगा। यह हाई-स्पीड पेरिफेरल कॉरिडोर भारी वाणिज्यिक वाहनों और लंबी दूरी के ट्रैफिक को शहर में आने से रोकेगी। लॉजिस्टिक्स हब बनेगा, माल ढुलाई में तेजी आएगी और परिवहन लागत में कमी होगी। वैशाली के धार्मिक सर्किट सहित आध्यात्मिक और ऐतिहासिक स्थलों तक बेहतर पहुंच को बढ़ावा मिलेगा। गंगा नदी के उत्तर तरफ पटना रिंग रोड के 37.35 किलोमीटर लंबाई वाले दिघवारा से बिदुपर एलाइनमेंट की मंजूरी का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है। वहीं नदी के दक्षिण तरफ इस ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड कॉरिडोर का निर्माण जारी है। 150 किलोमीटर लंबे और 1350 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को घेरने वाली 15,000 करोड़ की पटना रिंग रोड परियोजना के किनारे नियोजित शहरी विस्तार के लिए एक विस्तृत जोन तैयार किया जा रहा है। पटना रिंग रोड प्रधानमंत्री पैकेज और भारतमाला परियोजना का हिस्सा है। यह प्रोजेक्ट भविष्य में पटना और इसके आसपास के क्षेत्रों के शहरी एवं आर्थिक परिदृश्य को बदलने वाला है। अब तक मात्र 39.16 किलोमीटर लंबाई वाले कन्हौली-रामनगर खंड का निर्माण 984 करोड़ की लागत से पूरा हुआ है। गंगा नदी पर दो बड़े पुलों का निर्माण जारी 14.52 किलोमीटर लंबाई वाले शेरपुर-दिघवारा 6 लेन महासेतु को 6292 करोड़ से बनाया जा रहा है। वहीं कच्ची दरगाह से बिदुपुर 6 लेन महासेतु का 95% निर्माण पूरा हो गया है। 19.76 किलोमीटर लंबे इस महासेतु परियोजना की लागत 4988 करोड़ है। इस कॉरिडोर से फायदे रामनगर-कच्ची दरगाह,कन्हौली-शेरपुर का निर्माण शुरू होगा 14.50 किलोमीटर लंबे रामनगर-कच्ची दरगाह हिस्से का निर्माण 1083 करोड़ से शुरू हो रहा है। वहीं 9.98 किलोमीटर लंबे कन्हौली-शेरपुर का निर्माण भी 778 करोड़ से शुरू होने वाला है। इन दोनों हिस्सों का काम एजेंसी को दिया जा चुका है। शीघ्र निर्माण की तिथि तय हो जाएगी। पटना, सारण, गया, अरवल, भोजपुर, समस्तीपुर और वैशाली जिलों के बीच कनेक्टिविटी होगी। सोनपुर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए महत्वपूर्ण रोड लिंक साबित होगा। यह हाई-स्पीड पेरिफेरल कॉरिडोर भारी वाणिज्यिक वाहनों और लंबी दूरी के ट्रैफिक को शहर में आने से रोकेगी। लॉजिस्टिक्स हब बनेगा, माल ढुलाई में तेजी आएगी और परिवहन लागत में कमी होगी। वैशाली के धार्मिक सर्किट सहित आध्यात्मिक और ऐतिहासिक स्थलों तक बेहतर पहुंच को बढ़ावा मिलेगा।


