बुरहानपुर जिले के नेपानगर स्थित एशिया की पहली अखबारी कागज मिल ‘नेपा लिमिटेड’ में 469 करोड़ रुपए के आधुनिकीकरण के बाद सोमवार शाम से कागज का उत्पादन शुरू हो गया है। अक्षय तृतीया के अवसर पर मिल की मशीन नंबर 1 को चालू कर दिया गया है। मिल प्रबंधन के पास कागज उत्पादन के लिए पर्याप्त कच्चा माल उपलब्ध है और मशीन नंबर 2 को भी जल्द चालू करने के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं। केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय के उपक्रम नेपा लिमिटेड की इस मशीन का एक महीने पहले सफल ट्रायल किया गया था। इस ट्रायल में लगभग 30 से 40 टन कागज का उत्पादन हुआ था। सफल ट्रायल के बाद पिछले महीने ही केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय की आर्थिक सलाहकार डॉ. रेणुका मिश्रा और स्वतंत्र निदेशक सीए मिलिंद कनाडे ने नेपा लिमिटेड का दौरा किया था। मिल को पूरी तरह से संचालित करने के लिए सामूहिक रूप से प्रयास किए जा रहे हैं। 15 अप्रैल से शुरू करने की थी योजना, अक्षय तृतीया पर हुई शुरुआत शुरुआत में इस मशीन को 15 अप्रैल से चालू करने की रणनीति थी, लेकिन इसे अब अक्षय तृतीया के अवसर पर शुरू किया गया है। सूत्रों के अनुसार, मिल के पास फिलहाल कागज उत्पादन के लिए पर्याप्त मात्रा में कच्चा माल मौजूद है। नेपा लिमिटेड एशिया महाद्वीप की सबसे बड़ी और पुरानी सरकारी कागज मिलों में से एक है। 1947 में हुई थी शुरुआत, 1956 में देश को की गई थी समर्पित लगभग 75 वर्ष के गौरवशाली इतिहास वाली नेपा लिमिटेड एशिया की पहली और भारत की सबसे पुरानी अखबारी कागज मिल है। 1947 में निजी क्षेत्र में शुरू हुई यह मिल अब एक सार्वजनिक उपक्रम है। 26 अप्रैल 1956 को तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व. पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा इस मिल को राष्ट्र को समर्पित किया गया था। हाल ही में 469 करोड़ रुपये की लागत से इसका आधुनिकीकरण किया गया है। 1995 में बनाया था गुलाबी कागज, रिसाइकल्ड सामग्री से होता है उत्पादन वर्ष 1995 में गुलाबी समाचार पत्र कागज (पिंक न्यूजप्रिंट) प्रस्तुत करने का श्रेय भी इसी मिल को प्राप्त है। इस मिल में मुख्य रूप से न्यूजप्रिंट और राइटिंग प्रिंटिंग पेपर का उत्पादन किया जाता है। कागज बनाने की इस प्रक्रिया में अपशिष्ट कागज से तैयार लुगदी, पुराने ऑफिस पेपर और अन्य रिसाइकल्ड सामग्री का ही उपयोग किया जाता है।


