Priyanka Gandhi ने Wayanad में सुरक्षा इंतजामों पर जताई नाराजगी, यात्रा योजना साझा न करने की चेतावनी

Priyanka Gandhi ने Wayanad में सुरक्षा इंतजामों पर जताई नाराजगी, यात्रा योजना साझा न करने की चेतावनी

(फोटो के साथ)
मलप्पुरम (केरलम), 23 सितंबर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा ने बुधवार को वायनाड लोकसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान किए गए व्यापक सुरक्षा इंतजामों पर आपत्ति जताई और कहा कि अगर ऐसी व्यवस्था जारी रही तो वह सुरक्षा कर्मियों के साथ अपनी यात्रा योजनाएं साझा करना बंद कर देंगी। वाद्रा ने सुरक्षा कर्मियों से दूरी बनाए रखने को कहा और कहा कि ऐसा नहीं होने पर वह उन्हें अपनी यात्रा योजनाओं की जानकारी देना बंद कर देंगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा, ‘‘कृपया अपने सुरक्षाकर्मियों से थोड़ी दूरी बनाए रखने को कहें।’’
कांग्रेस सांसद ने दिन के दौरान अपने निर्वाचन क्षेत्र के विभिन्न स्थानों का दौरा किया, जिनमें जिले में हाल में आई बाढ़ में मारे गए छह लोगों में से एक सजीता का घर भी शामिल था।

उन्होंने सजीता के परिवार से उनकी जरूरतों के बारे में पूछा और उन्हें आश्वासन दिया कि वह सहानुभूतिपूर्वक हस्तक्षेप करेंगी। वाद्रा ने संवाददाताओं से कहा कि राज्य सरकार से मिलने वाली आठ लाख रुपये की वित्तीय सहायता के अलावा वह परिवार की मदद करेंगी। उन्होंने ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत काम करने वाले श्रमिकों, ऑटोरिक्शा चालकों और वानीयमपुझा बस्ती के उन आदिवासियों से बातचीत की, जो 2019 की बाढ़ में विस्थापित हो गए थे।

वानीयमपुझा बस्ती से विस्थापित हुए आदिवासियों के संबंध में वाद्रा ने कहा कि उनका पुनर्वास प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को जमीन मिल चुकी है, उनके लिए घरों का निर्माण कार्य तेज किया जाना चाहिए। क्षेत्र में मानव-पशु संघर्ष को लेकर कांग्रेस सांसद ने कहा कि यह एक जटिल मुद्दा है, जिसका कोई तत्काल समाधान नहीं है।

उन्होंने कहा कि इस संघर्ष के लिए कई कारक जिम्मेदार हैं और इस मुद्दे पर चर्चा के लिए इस सप्ताह एक बैठक आयोजित की जाएगी। वाद्रा ने कहा कि समस्या के समाधान के तरीकों पर चर्चा के लिए बैठक में विशेषज्ञ शामिल होंगे। ‘वीबी-जी राम जी’ के तहत काम करने वाले श्रमिकों के साथ अपनी बैठक के दौरान उन्होंने सांसद को बताया कि काम से जुड़ी आवश्यकताएं, जैसे पोर्टल पर दिन में दो बार तस्वीरें अपलोड करना, उत्पीड़न के समान हैं और इनके कारण उनके काम के दिन कम हो रहे हैं।

श्रमिकों की चिंताएं सुनने के बाद वाद्रा ने कहा कि नयी योजना रोजगार गारंटी अधिनियम की मूल भावना को कमजोर कर रही है और आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस पहल को विफल करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने श्रमिकों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं को केंद्र सरकार के संज्ञान में लाया जाएगा और समाधान खोजने के लिए उस पर दबाव बनाया जायेगा। ऑटोरिक्शा चालकों ने सांसद के समक्ष अपनी चिंताओं को रखा और कहा कि ईंधन की ऊंची कीमतें तथा कलपुर्जों की लागत उनके लिए मुश्किलें पैदा कर रही हैं।

कांग्रेस पार्टी की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, उन्होंने अन्य उपायों के अलावा तत्काल कदम के तौर पर ईंधन पर सब्सिडी देने की मांग की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *