मुजफ्फरपुर जिले के बोचहां प्रखंड अंतर्गत कर्णपुर दक्षिणी पंचायत के ककराचक गांव निवासी प्रियदर्शी सिंह ने जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उन्होंने पूरे बिहार में 25वां स्थान प्राप्त किया है। यह परिणाम लगभग तीन माह बाद आया है, जबकि परीक्षा 13 दिसंबर 2025 को आयोजित की गई थी। प्रियदर्शी के पिता अमरजीत कुमार सिंह एक किसान और मजदूर हैं, जबकि माता पुष्पा कुमारी गृहिणी हैं। परिजनों ने बताया कि प्रियदर्शी की पढ़ाई पर घर और शहर दोनों जगह विशेष ध्यान दिया गया। स्कूल में भी वह पढ़ाई-लिखाई में हमेशा तेज रहा है। प्रियदर्शी ने पांचवीं कक्षा की पढ़ाई के दौरान ही जवाहर नवोदय विद्यालय में प्रवेश के लिए तैयारी शुरू कर दी थी। राज्य और केंद्र सरकार द्वारा आयोजित इस प्रवेश परीक्षा में उसने अपनी मेहनत से यह उपलब्धि हासिल की है, जिससे गांव और समाज का मान बढ़ा है। प्रियदर्शी की इस सफलता से उसके परिवार में खुशी का माहौल है। उसके दादा रामदेव भगत, नाना-नानी सहित सभी परिजन उत्साहित हैं। उन्होंने प्रियदर्शी को मिठाई खिलाकर आगे भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएं दीं। उसकी यह उपलब्धि बोचहाँ प्रखंड सहित आसपास के बच्चों के लिए प्रेरणा स्रोत बनी है, जिससे भविष्य में अधिक बच्चे नवोदय विद्यालय की परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रेरित होंगे। मुजफ्फरपुर जिले के बोचहां प्रखंड अंतर्गत कर्णपुर दक्षिणी पंचायत के ककराचक गांव निवासी प्रियदर्शी सिंह ने जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उन्होंने पूरे बिहार में 25वां स्थान प्राप्त किया है। यह परिणाम लगभग तीन माह बाद आया है, जबकि परीक्षा 13 दिसंबर 2025 को आयोजित की गई थी। प्रियदर्शी के पिता अमरजीत कुमार सिंह एक किसान और मजदूर हैं, जबकि माता पुष्पा कुमारी गृहिणी हैं। परिजनों ने बताया कि प्रियदर्शी की पढ़ाई पर घर और शहर दोनों जगह विशेष ध्यान दिया गया। स्कूल में भी वह पढ़ाई-लिखाई में हमेशा तेज रहा है। प्रियदर्शी ने पांचवीं कक्षा की पढ़ाई के दौरान ही जवाहर नवोदय विद्यालय में प्रवेश के लिए तैयारी शुरू कर दी थी। राज्य और केंद्र सरकार द्वारा आयोजित इस प्रवेश परीक्षा में उसने अपनी मेहनत से यह उपलब्धि हासिल की है, जिससे गांव और समाज का मान बढ़ा है। प्रियदर्शी की इस सफलता से उसके परिवार में खुशी का माहौल है। उसके दादा रामदेव भगत, नाना-नानी सहित सभी परिजन उत्साहित हैं। उन्होंने प्रियदर्शी को मिठाई खिलाकर आगे भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएं दीं। उसकी यह उपलब्धि बोचहाँ प्रखंड सहित आसपास के बच्चों के लिए प्रेरणा स्रोत बनी है, जिससे भविष्य में अधिक बच्चे नवोदय विद्यालय की परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रेरित होंगे।


