नालंदा में प्राइवेट गार्ड की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। शरीर पर चोट के निशान है। परिजनों ने हत्या की आंशका जताई है। जबकि पुलिस इसे बीमारी से मौत का मामला मान रही है। मृतक की पहचान हरसैनी निवासी अमरेंद्र कुमार(56) के तौर पर हुई है। घटना इस्लामपुर थाना क्षेत्र के केवई गांव के पास की है। मृतक के बड़े भाई वीरेंद्र प्रसाद ने बताया कि अमरेंद्र पिछले एक साल से पटना के एक गर्ल्स हॉस्टल में गार्ड की नौकरी कर रहे थे। सोमवार की रात अपने घर लौट रहे थे। इस बीच पुलिस से सूचना मिली कि गंभीर हालत में सड़क किनारे मिले हैं। डायल-112 की टीम ने अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सिर और पैर में गहरे जख्म के निशान मिले हैं। किसी ने साजिश के तहत उनकी हत्या की है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल अमरेंद्र कुमार की असमय मौत ने उनके परिवार को झकझोर कर रख दिया है। वह अपने पीछे एक 19 वर्षीय बेटी छोड़ गए हैं, जिसके भविष्य और शादी को लेकर परिजन चिंता में हैं। घर की माली हालत पहले से ही खराब है। परिवार के सामने जीवन-यापन का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। आवेदन के आधार पर की जाएगी कार्रवाई वहीं, इस संबंध में इस्लामपुर थानाध्यक्ष अनिल कुमार पांडेय ने बताया कि अधेड़ को अचेत अवस्था में सड़क किनारे से बरामद कर डायल 112 की टीम ने अस्पताल पहुंचाया था। डॉक्टरों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि वह चमकी (मिर्गी) जैसी बीमारी की चपेट में आ गए थे, जिसके कारण उनकी मौत हुई है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ स्पष्ट हो सकेगा। आवेदन के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। नालंदा में प्राइवेट गार्ड की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। शरीर पर चोट के निशान है। परिजनों ने हत्या की आंशका जताई है। जबकि पुलिस इसे बीमारी से मौत का मामला मान रही है। मृतक की पहचान हरसैनी निवासी अमरेंद्र कुमार(56) के तौर पर हुई है। घटना इस्लामपुर थाना क्षेत्र के केवई गांव के पास की है। मृतक के बड़े भाई वीरेंद्र प्रसाद ने बताया कि अमरेंद्र पिछले एक साल से पटना के एक गर्ल्स हॉस्टल में गार्ड की नौकरी कर रहे थे। सोमवार की रात अपने घर लौट रहे थे। इस बीच पुलिस से सूचना मिली कि गंभीर हालत में सड़क किनारे मिले हैं। डायल-112 की टीम ने अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सिर और पैर में गहरे जख्म के निशान मिले हैं। किसी ने साजिश के तहत उनकी हत्या की है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल अमरेंद्र कुमार की असमय मौत ने उनके परिवार को झकझोर कर रख दिया है। वह अपने पीछे एक 19 वर्षीय बेटी छोड़ गए हैं, जिसके भविष्य और शादी को लेकर परिजन चिंता में हैं। घर की माली हालत पहले से ही खराब है। परिवार के सामने जीवन-यापन का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। आवेदन के आधार पर की जाएगी कार्रवाई वहीं, इस संबंध में इस्लामपुर थानाध्यक्ष अनिल कुमार पांडेय ने बताया कि अधेड़ को अचेत अवस्था में सड़क किनारे से बरामद कर डायल 112 की टीम ने अस्पताल पहुंचाया था। डॉक्टरों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि वह चमकी (मिर्गी) जैसी बीमारी की चपेट में आ गए थे, जिसके कारण उनकी मौत हुई है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ स्पष्ट हो सकेगा। आवेदन के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


