राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को अपने ईरानी समकक्ष मसूद पेजेश्कियान से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में स्थायी शांति के प्रयासों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि संघर्षों का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए किया जाना चाहिए। राष्ट्रपति मुर्मू की यह टिप्पणी पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच आई है।
क्षेत्र में ईरानी ठिकानों पर अमेरिका के नए हवाई हमलों और तेहरान पर कड़े प्रतिबंधों के जरिये आर्थिक दबाव बढ़ाने की वाशिंगटन की कोशिशों से तनाव बढ़ गया है। भारत की अपनी पहली यात्रा पर राष्ट्रपति पेजेश्कियान का स्वागत करते हुए, राष्ट्रपति ने भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान ईरान से मिले समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। राष्ट्रपति भवन से जारी एक बयान में कहा गया है कि दोनों नेताओं ने ईरान और भारत के बीच दोस्ती के पुराने रिश्तों पर चर्चा की, जिसमें उनके मजबूत सांस्कृतिक और लोगों के बीच आपसी संबंध भी शामिल हैं।
इसमें कहा गया है कि राष्ट्रपति ने क्षेत्र में स्थायी शांति बनाए रखने के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई और बातचीत व कूटनीति के ज़रिए विवादों को सुलझाने का आह्वान किया। पश्चिम एशिया में संघर्ष की शुरुआत इस साल फरवरी के आखिर में हुई थी।

