नागोया, तीन अक्टूबर प्रणवी उर्स एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बन गई जिन्होंने आखिरी दौर में एक स्ट्रोक की बढत बरकरार रखकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि अर्जित की और टीम को भी रजत दिलाया। मैसूर की 23 वर्ष की प्रणवी ने तीसरे होल में ट्रिपल बोगी करने के बाद तीन बर्डी लगाये। आखिरी दौर में उन्होंने इवन पार 70 स्कोर किया और चार दिन में कुल स्कोर 15 अंडर 265 रहा।चीन की यिन रूओनिंग ने रजत पदक जीता जबकि सिंगापुर की शैनोन टैन को कांस्य पदक मिला। प्रणवी ने जीत के बाद कहा ,‘‘ मुझे कुछ उपलब्धि हासिल करने वाली पहली खिलाड़ी बनना पसंद है। लोग आगे भी जीतेंगे लेकिन पहली बार जीतने वाला पहला ही होता है।’’
प्रणवी, ओलंपियन अदिति अशोक (आखिरी दौर में 67) और दीक्षा डागर (आखिरी दौर में 77) की टीम ने रजत पदक जीता।भारत ने 14 अंडर 546 स्कोर किया। चीन ने 22 अंडर 538 के स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता। अदिति एक डबल बोगी और एक बोगी के बाद लगातार पांच बर्डी लगाकर संयुक्त 14वें स्थान पर रही जबकि दीक्षा संयुक्त 23वें स्थान पर रही।भारत के लिये शिव कपूर ने 2002 बुसान खेलों में पुरूष गोल्फ का स्वर्ण पदक जीता था। यह 1982 दिल्ली एशियाई खेलों के बाद गोल्फ में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। उस समय गोल्फ में लक्ष्मण सिंह ने व्यक्तिगत पुरूष स्वर्ण जीता था जबकि अमित लूथरा और राजीव मोहता के साथ टीम वर्ग में भी पीला तमगा हासिल किया था।
नागोया, तीन अक्टूबर प्रणवी उर्स एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बन गई जिन्होंने आखिरी दौर में एक स्ट्रोक की बढत बरकरार रखकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि अर्जित की और टीम को भी रजत दिलाया। मैसूर की 23 वर्ष की प्रणवी ने तीसरे होल में ट्रिपल बोगी करने के बाद तीन बर्डी लगाये। आखिरी दौर में उन्होंने इवन पार 70 स्कोर किया और चार दिन में कुल स्कोर 15 अंडर 265 रहा।
चीन की यिन रूओनिंग ने रजत पदक जीता जबकि सिंगापुर की शैनोन टैन को कांस्य पदक मिला। प्रणवी ने जीत के बाद कहा ,‘‘ मुझे कुछ उपलब्धि हासिल करने वाली पहली खिलाड़ी बनना पसंद है। लोग आगे भी जीतेंगे लेकिन पहली बार जीतने वाला पहला ही होता है।’’
प्रणवी, ओलंपियन अदिति अशोक (आखिरी दौर में 67) और दीक्षा डागर (आखिरी दौर में 77) की टीम ने रजत पदक जीता।
भारत ने 14 अंडर 546 स्कोर किया। चीन ने 22 अंडर 538 के स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता। अदिति एक डबल बोगी और एक बोगी के बाद लगातार पांच बर्डी लगाकर संयुक्त 14वें स्थान पर रही जबकि दीक्षा संयुक्त 23वें स्थान पर रही।
भारत के लिये शिव कपूर ने 2002 बुसान खेलों में पुरूष गोल्फ का स्वर्ण पदक जीता था। यह 1982 दिल्ली एशियाई खेलों के बाद गोल्फ में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। उस समय गोल्फ में लक्ष्मण सिंह ने व्यक्तिगत पुरूष स्वर्ण जीता था जबकि अमित लूथरा और राजीव मोहता के साथ टीम वर्ग में भी पीला तमगा हासिल किया था।
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