कोल्हान के टोटो व गोइलकेरा प्रखंड की सीमा से लगे घने जंगल में बुधवार सुबह पुलिस और नक्सलियों के बीच करीब 45 मिनट तक मुठभेड़ हुई थी। इसमें मारे गए नक्सली इसराइल पूर्ति का शव गुरुवार देर रात सदर अस्पताल लाया गया। शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पोस्टमॉर्टम के लिए तीन डॉक्टरों की टीम बनाई गई है। इसराइल पूर्ति ने 13 साल की उम्र में में बंदूक थाम ली थी। वो वर्ष 2017 में नक्सली संगठन में शामिल हुआ था। उसने उसी साल पांचवी कक्षा पास की थी। उसके पिता चरण पूर्ति नहीं चाहते थे कि बेटा नक्सली बने, लेकिन गांव के पास चल रहे ट्रेनिंग सेंटर और सागेन अंगारिया के प्रभाव में आकर वह दस्ते में शामिल हो गया। बताया जाता है कि घटना के समय वह अपने गांव के पास ही दस्ते के साथ आया हुआ था। सुरक्षित रास्ता दिखाने में था एक्सपर्ट इसराइल पूर्ति मूल रूप से गोइलकेरा थाना क्षेत्र के सांगाजाटा गांव का निवासी था। वह संगठन में एरिया कमांडर स्तर के नक्सलियों का करीबी और भरोसेमंद सदस्य माना जाता था। कोल्हान के दुर्गम जंगलों की भौगोलिक जानकारी होने के कारण वह दस्ते को सुरक्षित रास्ते उपलब्ध कराने और सुरक्षाबलों की गतिविधियों पर नजर रखने में अहम भूमिका निभाता था। उसके खिलाफ पुलिस मुखबिरी के शक में ग्रामीणों की हत्या, अपहरण और आईईडी ब्लास्ट जैसी कई गंभीर घटनाओं में संलिप्तता के मामले दर्ज थे। हाल ही में हुए रमेश चांपिया हत्याकांड में भी उसकी सक्रिय भूमिका सामने आई थी। उसकी मौत को नक्सली संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। बुधवार को ही मारा गया था इसराइल इधर, खराब मौसम और दुर्गम इलाके के कारण गुरुवार देर शाम तक शव जंगल में ही था। पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ बुधवार सुबह करीब 4:30 हुई, जब कोबरा कमांडोज का सामना नक्सलियों के सबजनल कमांडर सागेन अंगारिया के दस्ते से हुआ। मुठभेड़ में दस्ते का एक सक्रिय सदस्य और इलाके की अच्छी जानकारी रखने वाला इसराइल पूर्ति बुधवार को ही मारा गया था। घटना के बाद पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। एसपी अमित रेनू ने बताया कि 5 लाख के इनामी सेज अंगरिया के दस्ते से लगातार आमना-सामना हो रहा है और ऑपरेशन अभी भी जारी है। कोल्हान के टोटो व गोइलकेरा प्रखंड की सीमा से लगे घने जंगल में बुधवार सुबह पुलिस और नक्सलियों के बीच करीब 45 मिनट तक मुठभेड़ हुई थी। इसमें मारे गए नक्सली इसराइल पूर्ति का शव गुरुवार देर रात सदर अस्पताल लाया गया। शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पोस्टमॉर्टम के लिए तीन डॉक्टरों की टीम बनाई गई है। इसराइल पूर्ति ने 13 साल की उम्र में में बंदूक थाम ली थी। वो वर्ष 2017 में नक्सली संगठन में शामिल हुआ था। उसने उसी साल पांचवी कक्षा पास की थी। उसके पिता चरण पूर्ति नहीं चाहते थे कि बेटा नक्सली बने, लेकिन गांव के पास चल रहे ट्रेनिंग सेंटर और सागेन अंगारिया के प्रभाव में आकर वह दस्ते में शामिल हो गया। बताया जाता है कि घटना के समय वह अपने गांव के पास ही दस्ते के साथ आया हुआ था। सुरक्षित रास्ता दिखाने में था एक्सपर्ट इसराइल पूर्ति मूल रूप से गोइलकेरा थाना क्षेत्र के सांगाजाटा गांव का निवासी था। वह संगठन में एरिया कमांडर स्तर के नक्सलियों का करीबी और भरोसेमंद सदस्य माना जाता था। कोल्हान के दुर्गम जंगलों की भौगोलिक जानकारी होने के कारण वह दस्ते को सुरक्षित रास्ते उपलब्ध कराने और सुरक्षाबलों की गतिविधियों पर नजर रखने में अहम भूमिका निभाता था। उसके खिलाफ पुलिस मुखबिरी के शक में ग्रामीणों की हत्या, अपहरण और आईईडी ब्लास्ट जैसी कई गंभीर घटनाओं में संलिप्तता के मामले दर्ज थे। हाल ही में हुए रमेश चांपिया हत्याकांड में भी उसकी सक्रिय भूमिका सामने आई थी। उसकी मौत को नक्सली संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। बुधवार को ही मारा गया था इसराइल इधर, खराब मौसम और दुर्गम इलाके के कारण गुरुवार देर शाम तक शव जंगल में ही था। पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ बुधवार सुबह करीब 4:30 हुई, जब कोबरा कमांडोज का सामना नक्सलियों के सबजनल कमांडर सागेन अंगारिया के दस्ते से हुआ। मुठभेड़ में दस्ते का एक सक्रिय सदस्य और इलाके की अच्छी जानकारी रखने वाला इसराइल पूर्ति बुधवार को ही मारा गया था। घटना के बाद पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। एसपी अमित रेनू ने बताया कि 5 लाख के इनामी सेज अंगरिया के दस्ते से लगातार आमना-सामना हो रहा है और ऑपरेशन अभी भी जारी है।


