कटनी जिले के ढीमरखेड़ा क्षेत्र स्थित मुरवारी खरीदी केंद्र पर पिछले चार दिनों से अनाज की खरीद बंद है। खराब गुणवत्ता वाले बारदाने (बोरे) की आपूर्ति के कारण यह स्थिति बनी है, जिससे किसान परेशान हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के खरीदी केंद्रों के औचक निरीक्षण और व्यवस्था सुधारने के निर्देशों के बावजूद यह समस्या सामने आई है। मुरवारी गांव के किसानों ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण खरीदी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। किसानों का कहना है कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद जानबूझकर खराब बारदाना भेजा जा रहा है। उनका मानना है कि इससे न केवल किसान परेशान हो रहे हैं, बल्कि प्रदेश सरकार की छवि भी प्रभावित हो रही है। मौसम ने बढ़ाई चिंता खरीदी बंद होने के साथ ही मौसम में बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कल शाम से क्षेत्र में तेज आंधी-तूफान के साथ बारिश हुई है। खुले आसमान के नीचे रखा अनाज भीगने का खतरा बढ़ गया है। जिन किसानों की फसल तुलाई के इंतजार में केंद्र पर पड़ी है, उन्हें अपनी उपज बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। फटे बोरे में अनाज भरना संभव नहीं खरीदी केंद्र प्रभारी संतोष त्रिपाठी का कहना है कि फटे और खराब बारदानों में अनाज भरना संभव नहीं है, जिसके कारण खरीदी का काम पूरी तरह ठप है। उन्होंने बताया कि उच्च अधिकारियों को बार-बार सूचना देने के बावजूद गुणवत्तापूर्ण बारदानों की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की जा रही है। समस्या का समाधान न होने पर मुरवारी गांव के किसानों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और कटनी जिले के कलेक्टर आशीष तिवारी से हस्तक्षेप की मांग की है। किसानों ने तत्काल गुणवत्तापूर्ण बारदाने की व्यवस्था करने, रुकी हुई खरीदी प्रक्रिया को शीघ्र शुरू करने और बारिश से अनाज को बचाने के लिए पुख्ता इंतजाम करने की अपील की है। इस संबंध में लगातार ढीमरखेड़ा एसडीएम निधि से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फोन कॉल का जवाब नहीं दिया


