Women Reservation Bill: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने संसद में प्रस्तुत महिला आरक्षण विधेयक का जोरदार स्वागत करते हुए इसे देश की आधी आबादी के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरगामी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक केवल महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें नीति निर्माण और निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी देकर देश के समग्र विकास को नई दिशा देने वाला है।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम
पंकज चौधरी ने अपने बयान में कहा कि महिला आरक्षण विधेयक देश में महिलाओं को बराबरी का अधिकार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। उनका मानना है कि इससे संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, जिससे नीतियों में महिलाओं के दृष्टिकोण को भी उचित स्थान मिलेगा।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व की सराहना
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने महिला सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। यह विधेयक उसी दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिसमें महिलाओं को समान अवसर, सम्मान और अधिकार प्रदान करने का स्पष्ट संकल्प दिखाई देता है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में यह कदम देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।
11 वर्षों में अभूतपूर्व उपलब्धियां
पंकज चौधरी ने पिछले 11 वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में किए गए कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन वर्षों में कई ऐसी योजनाएं शुरू की गईं, जिनका सीधा लाभ महिलाओं को मिला है और उनके जीवन स्तर में सुधार हुआ है।
जनधन योजना से आर्थिक सशक्तिकरण
उन्होंने बताया कि देशभर में 32 करोड़ से अधिक महिलाओं के जनधन खाते खोले गए हैं, जिससे उन्हें बैंकिंग सेवाओं तक सीधी पहुंच मिली है। इससे महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
मुद्रा योजना में महिलाओं की भागीदारी
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत लगभग 68 प्रतिशत लाभार्थी महिलाएं हैं। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि महिलाएं उद्यमिता के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही हैं और देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
स्वयं सहायता समूहों की भूमिका
उन्होंने कहा कि 10 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त हो रही हैं। ये समूह ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
आवास और स्टार्टअप में बढ़ी भागीदारी
पंकज चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बड़ी संख्या में घर महिलाओं के नाम पर आवंटित किए गए हैं, जिससे उनके सामाजिक सम्मान और सुरक्षा में वृद्धि हुई है। इसके साथ ही स्टार्टअप इंडिया जैसी योजनाओं में लगभग 43 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी दर्ज की गई है, जो देश में बढ़ती महिला भागीदारी का संकेत है।
उज्ज्वला योजना से जीवन में बदलाव
उन्होंने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत 10 करोड़ से अधिक गैस कनेक्शन दिए गए हैं। इससे महिलाओं को धुएं से मुक्ति मिली है और उनके स्वास्थ्य में सुधार हुआ है। यह योजना ग्रामीण महिलाओं के जीवन में एक बड़ा बदलाव लेकर आई है।
विपक्ष पर साधा निशाना
पंकज चौधरी ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने मुस्लिम महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण की बात कही थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत का संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण की अनुमति नहीं देता है। इस तरह के बयान न केवल संवैधानिक मर्यादाओं के विपरीत हैं, बल्कि समाज में विभाजनकारी राजनीति को बढ़ावा देने वाले भी हैं।
“सबका साथ, सबका विकास” का मंत्र
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के सिद्धांत पर कार्य करती है। पार्टी का उद्देश्य हर वर्ग और समुदाय को समान अवसर प्रदान करना है। महिला आरक्षण विधेयक भी इसी सोच का हिस्सा है, जो समाज के हर वर्ग की महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर देगा।
विपक्ष से समर्थन की अपील
पंकज चौधरी ने विपक्षी दलों से अपील की कि वे इस ऐतिहासिक पहल का समर्थन करें और महिलाओं के सशक्तिकरण के इस अभियान में राजनीति से ऊपर उठकर सहयोग करें। उनका कहना है कि यह मुद्दा किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि पूरे देश की महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक के माध्यम से महिलाओं को जो अवसर मिलेंगे, वे समाज में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन लाएंगे। इससे आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा मिलेगी और महिलाओं की भूमिका हर क्षेत्र में मजबूत होगी।


