भोजपुर पुलिस ने रितेश सिंह उर्फ भुअर सिंह की हत्या मामले में कार्रवाई तेज कर दी है। इस मामले में अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं है। जिसके बाद पुलिस अब नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से वारंट लेने की प्रक्रिया शुरू करेगी। मृतक की पत्नी श्वेता सिंह ने 11 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसमें दो लोगों पर साजिश रचने और नौ लोगों पर गोली मारने का आरोप लगाया है। घटना गड़हनी थाना क्षेत्र के बनकट नहर मार्ग की है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में बाइक पर सवार तीन शूटरों की संलिप्तता की सामने आई है। इस हत्याकांड की कड़ी तीन वर्ष पूर्व हुए एक अन्य हमले से भी जुड़ती दिख रही है। मृतक के बड़े भाई बबलू सिंह को भी आरा में गोली मारी गई थी। उस मामले में चार आरोपी जेल गए थे, जिनमें से दो की मौत हो चुकी है। जबकि दो अन्य फिलहाल बाहर है। जांच की दिशा अब पुराने आरोपियों के इर्द-गिर्द घूम रही है।
कॉल डिटेल खंगाला जा रहा है मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस मानवीय और तकनीकी दोनों तरह के साक्ष्यों का सहारा ले रही है। मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगाले जा रहे हैं और संदिग्धों की गतिविधियों का विश्लेषण किया जा रहा है। जांच टीम मृतक की पत्नी श्वेता सिंह के स्कूल से लेकर लहरपा गांव तक संभावित सभी स्थानों पर सुराग तलाश रही है। तीन साल पहले भाई को मारी थी गोली प्राथमिकी में मकरध्वज यादव का नाम भी सामने आया है, जो पहले से आपराधिक मामलों में संलिप्त रहा है। लहरपा निवासी हीरा लाल यादव समेत दो लोगों पर साजिश रचने का आरोप है। श्वेता सिंह का कहना है कि तीन साल पहले उनके भैंसुर बबलू सिंह पर हुआ हमला भी सुनियोजित था और उसी पुरानी रंजिश के चलते अब उनके पति की हत्या की गई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है। भोजपुर पुलिस ने रितेश सिंह उर्फ भुअर सिंह की हत्या मामले में कार्रवाई तेज कर दी है। इस मामले में अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं है। जिसके बाद पुलिस अब नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से वारंट लेने की प्रक्रिया शुरू करेगी। मृतक की पत्नी श्वेता सिंह ने 11 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसमें दो लोगों पर साजिश रचने और नौ लोगों पर गोली मारने का आरोप लगाया है। घटना गड़हनी थाना क्षेत्र के बनकट नहर मार्ग की है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में बाइक पर सवार तीन शूटरों की संलिप्तता की सामने आई है। इस हत्याकांड की कड़ी तीन वर्ष पूर्व हुए एक अन्य हमले से भी जुड़ती दिख रही है। मृतक के बड़े भाई बबलू सिंह को भी आरा में गोली मारी गई थी। उस मामले में चार आरोपी जेल गए थे, जिनमें से दो की मौत हो चुकी है। जबकि दो अन्य फिलहाल बाहर है। जांच की दिशा अब पुराने आरोपियों के इर्द-गिर्द घूम रही है।
कॉल डिटेल खंगाला जा रहा है मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस मानवीय और तकनीकी दोनों तरह के साक्ष्यों का सहारा ले रही है। मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगाले जा रहे हैं और संदिग्धों की गतिविधियों का विश्लेषण किया जा रहा है। जांच टीम मृतक की पत्नी श्वेता सिंह के स्कूल से लेकर लहरपा गांव तक संभावित सभी स्थानों पर सुराग तलाश रही है। तीन साल पहले भाई को मारी थी गोली प्राथमिकी में मकरध्वज यादव का नाम भी सामने आया है, जो पहले से आपराधिक मामलों में संलिप्त रहा है। लहरपा निवासी हीरा लाल यादव समेत दो लोगों पर साजिश रचने का आरोप है। श्वेता सिंह का कहना है कि तीन साल पहले उनके भैंसुर बबलू सिंह पर हुआ हमला भी सुनियोजित था और उसी पुरानी रंजिश के चलते अब उनके पति की हत्या की गई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है।


