PM Modi और Donald Tusk की बैठक, 2030 तक व्यापार दोगुना करने पर बनी सहमति

PM Modi और Donald Tusk की बैठक, 2030 तक व्यापार दोगुना करने पर बनी सहमति

भारत और पोलैंड ने रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में संबंधों को मजबूत करने पर बृहस्पतिवार को सहमति जताई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके पोलिश समकक्ष डोनाल्ड टस्क ने 2030 तक दोनों देशों के बीच सालाना द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा छह अरब अमेरिकी डॉलर से दोगुना करने का संकल्प लिया। वार्ता के बाद मोदी ने कहा कि दोनों देश लोकतांत्रिक मूल्यों और कानून के शासन में विश्वास रखते हैं तथा भारत, यूक्रेन और पश्चिम एशिया में शांति लाने के हर सार्थक प्रयास का समर्थन करता रहेगा।

यूक्रेन में संघर्ष को समाप्त करने के लिए वैश्विक स्तर पर फिर से जोर दिए जाने के बीच टस्क तीन दिवसीय भारत यात्रा पर हैं। मोदी ने कहा, “आज हम रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में अपने संबंधों को और प्रगाढ़ करने पर सहमत हुए। हम पोलैंड की कंपनियों को आमंत्रित करते हैं कि वे इन सभी रणनीतिक क्षेत्रों में भारत के साथ मिलकर सह-विकास और सह-उत्पादन के काम में शामिल हों।”
उन्होंने कहा, “महत्वपूर्ण खनिजों और कोयला गैसीकरण के क्षेत्र में भी हम पोलैंड की विशेषज्ञता के साथ नयी साझेदारियां बनाएंगे।”
मोदी और टस्क के बीच बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने चार घोषणाएं कीं।

इनमें 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करना, रक्षा उद्योग संवाद स्थापित करना और आतंकवाद से निपटने के मुद्दे पर बातचीत करने पर सहमति शामिल है। अपनी टिप्पणी में टस्क ने कहा, “हम राजनीतिक खतरों को अच्छी तरह समझते हैं और खनिजों तथा रणनीतिक संसाधनों के मामले में यथासंभव आत्मनिर्भर बनने की आवश्यकता को भी समझते हैं।”
टस्क ने कहा कि दोनों देश आपसी तालमेल विकसित करने में सफल रहे हैं, क्योंकि उनके बीच हितों का कोई टकराव या ऐतिहासिक मुद्दे नहीं हैं, जो उन्हें विभाजित करते हों। उन्होंने वैश्विक मंच पर मोदी की भूमिका की भी सराहना की और अस्थिरता तथा राजनीतिक अनिश्चितता के दौर में इसे “आशा की किरण” बताया।

टस्क ने दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग को रेखांकित किया। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय सेना की ओर से पोलैंड के ड्रोन के इस्तेमाल का भी परोक्ष रूप से जिक्र किया। टस्क ने बिना विस्तार से बताए कहा, “हमारे ड्रोन बहुत उपयोगी साबित हुए।”
मोदी ने कहा कि भारत और पोलैंड के बीच मित्रता न केवल राजनयिक संबंधों पर, बल्कि मानवता और करुणा की साझा विरासत पर भी आधारित है।

उन्होंने कहा, “द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जामनगर और कोल्हापुर के राजघरानों ने भारत में पोलैंड के हजारों बच्चों और परिवारों को आश्रय दिया था।”
प्रधानमंत्री ने कहा, “पोलैंड ने भी 2022 में यूक्रेन से हमारे छात्रों की सुरक्षित वापसी में मदद करके मानवता की इसी भावना का परिचय दिया था।”
मोदी ने अपने मीडिया वक्तव्य में दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “दुनिया अनिश्चितता और बदलाव के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में भी भारत और पोलैंड विकास, प्रौद्योगिकी और नवाचार के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहे हैं।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों की बढ़ती आर्थिक ताकत ने भारत-पोलैंड साझेदारी के लिए नये अवसर पैदा किए हैं।

उन्होंने कहा, “और भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते ने इन अवसरों को और बढ़ा दिया है। लागू होने पर, यह समझौता भारत से पोलैंड को मशीनरी, रसायन, प्लास्टिक और इंजीनियरिंग सामानों के निर्यात के लिए नये अवसर खोलेगा।”
मोदी ने कहा, “इसके अलावा, हम रेलवे और आवाजाही, अत्याधुनिक विनिर्माण, खाद्य प्रसंस्करण और जैव प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में पोलैंड से नया निवेश लाएंगे।”
उन्होंने इस बात का भी भरोसा जताया कि भारत और पोलैंड मिलकर दुनिया के लिए भरोसेमंद आपूर्ति शृंखला विकसित करेंगे और 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने के साझा लक्ष्य को भी हासिल करेंगे।

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