बिलासपुर के तिलक नगर से विस्थापित हुए सैकड़ों परिवार आवास की मांग को लेकर विधायक अमर अग्रवाल के बंगले पहुंचे। अरपा किनारे बसे 300 से ज्यादा घरों को तोड़कर इन परिवारों को इमलीभाठा में शिफ्ट किया गया था।
प्रभावित परिवारों का आरोप है कि, मकान तोड़े जाने के दौरान उन्हें तिलक नगर में ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नया मकान देने का भरोसा दिया गया था। अब उसी जगह ऑक्सीजोन बनाने की तैयारी चल रही है। बोले- इमलीभाठा में सुरक्षा तक की चिंता विस्थापित परिवारों में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। उनका आरोप है कि इमलीभाठा में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। पेयजल सप्लाई में आए दिन दिक्कत होती है। मकानों की छत और दीवारों का प्लास्टर गिरता रहता है। परिवारों का कहना है कि, आसपास नशाखोरी का माहौल है, जिससे बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। उन्होंने मांग की कि शहर के भीतर ही ऐसी जगह प्रधानमंत्री आवास दिया जाए, जहां बच्चों की पढ़ाई, रोजगार और रोजमर्रा की जरूरतों में परेशानी न हो। अमर अग्रवाल बोले- मांग जायज, अधिकारियों से करेंगे चर्चा विधायक अमर अग्रवाल ने प्रभावित परिवारों की मांग को जायज बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में कोरोना और बारिश के दौरान लोगों को जबरन शिफ्ट किया गया था। अब प्रधानमंत्री आवास योजना दोबारा संचालित हो रही है। अग्रवाल ने कहा कि वे अधिकारियों से चर्चा कर तिलक नगर, कुदुदंड या आसपास उचित जगह चिन्हित कराने और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराने की बात करेंगे। उन्होंने बिलासपुर में 2400 प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत होने की जानकारी भी दी। अब जगह चिन्हित होने का इंतजार प्रभावित परिवारों को विधायक के आश्वासन के बाद नए आवास की उम्मीद जगी है। अब निगाह प्रशासन पर है कि इन परिवारों के लिए शहर में कौन-सी जगह चिन्हित की जाती है और वर्षों से आवास की मांग कर रहे लोगों को नया आशियाना कब मिलता है।

