‘मोदी जी को प्लीज करना बंद करो’, प्रकाश राज ने पवन कल्याण पर फिर बोला हमला, महिला आरक्षण बिल को लेकर कही ये बात

‘मोदी जी को प्लीज करना बंद करो’, प्रकाश राज ने पवन कल्याण पर फिर बोला हमला, महिला आरक्षण बिल को लेकर कही ये बात

Prakash Raj Slams Pawan Kalyan: साउथ एक्टर प्रकाश राज ने हाल ही में आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम और एक्टर पवन कल्याण पर तीखा हमला बोला है। एक बार फिर उन्होंने एक्स पर हमला बोलते हुए अभिनेता पर निशाना साधा है। प्रकाश राज ने पवन कल्याम को हिदायत दी कि वो पीएम मोदी को प्लीज ना करें। क्या है पूरा मामला, चलिए जानते हैं।

महिला आरक्षण बिल पर शुरू हुआ विवाद (Prakash Raj Slams Pawan Kalyan)

दरअसल, पवन कल्याण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर महिला आरक्षण बिल को ऐतिहासिक कदम बताते हुए विपक्ष पर इसे रोकने का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि विपक्ष की राजनीति ने महिलाओं को मजबूत प्रतिनिधित्व मिलने से रोका है। इस बयान के बाद प्रकाश राज ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि नागरिकों को भ्रमित करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, क्योंकि महिला आरक्षण बिल पहले ही 2023 में पारित हो चुका है और इसे लागू करने की प्रक्रिया राजनीतिक प्राथमिकताओं से प्रभावित हो रही है।

Prakash Raj Slams Pawan Kalyan

प्रकाश राज ने पोस्ट में साधा निशाना (Prakash Raj Slams Pawan Kalyan)

प्रकाश राज ने अपने बयान में ये भी आरोप लगाया कि महिला आरक्षण के मुद्दे के साथ-साथ परिसीमन जैसे प्रस्तावों को जोड़कर दक्षिण भारतीय राज्यों के प्रतिनिधित्व को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने खास तौर पर आंध्र प्रदेश के संदर्भ में राज्य के अधिकारों और सम्मान का मुद्दा उठाया और पवन कल्याण से इस विषय पर खुलकर बहस करने की चुनौती दे डाली।

राजनीति में फिल्म सितारों की एंट्री पर उठाए सवाल

महिला आरक्षण बिल के विवाद से पहले भी प्रकाश राज सिनेमा और राजनीति के रिश्ते पर खुलकर अपनी राय रखते रहे हैं। हाल ही में एक चुनावी सभा के दौरान उन्होंने बिना नाम लिए अभिनेता-राजनेता विजय पर भी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा कि फिल्मों में किसी भी किरदार को निभाना आसान होता है, लेकिन राजनीति में जिम्मेदारी निभाने के लिए जमीनी अनुभव जरूरी होता है।

उन्होंने ये भी कहा कि दर्शकों का प्यार किसी कलाकार की प्रतिभा के लिए होता है, लेकिन उस भरोसे को सीधे राजनीतिक समर्थन में बदलना सही नहीं माना जा सकता। उनके मुताबिक राजनीति में आने से पहले लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझना और लंबे समय तक सामाजिक मुद्दों पर काम करना बेहद जरूरी है।

जिम्मेदारी और लोकप्रियता में अंतर समझना जरूरी

प्रकाश राज ने अपने भाषण में ये भी कहा कि फिल्मों में लोकप्रियता और राजनीति में जिम्मेदारी दोनों अलग-अलग चीजें हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि दर्शक अपने पसंदीदा कलाकारों के लिए तालियां बजा सकते हैं, लेकिन देश की बागडोर सौंपने का फैसला सोच-समझकर होना चाहिए। उनका मानना है कि राजनीति में प्रवेश करने वाले कलाकारों को पहले जनता के मुद्दों पर गंभीरता से काम करना चाहिए।

गौरतलब है कि प्रकाश राज पहले भी कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखते रहे हैं। महिला आरक्षण बिल को लेकर पवन कल्याण से उनकी यह बहस अब राजनीतिक और फिल्मी गलियारों में नई चर्चा का विषय बन गई है।

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