दुनिया में पेट्रोल-डीजल हो रहा महंगा, लेकिन पाकिस्तान में हुआ 22 रुपये सस्ता, जानें वजह

दुनिया में पेट्रोल-डीजल हो रहा महंगा, लेकिन पाकिस्तान में हुआ 22 रुपये सस्ता, जानें वजह

Petrol Diesel Price In Pakistan: एक तरफ पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ईरान-अमेरिका और होर्मुज स्ट्रेट में तनाव लगातार जारी है। जिसका असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। भारत समेत कई देशों में पेट्रोल और डीजल महंगे हो रहे हैं। लेकिन इसी बीच पाकिस्तान से बिल्कुल उलटी खबर सामने आई है। वहां सरकार लगातार पेट्रोल-डीजल के दाम घटा रही है। पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल की कीमतों में भारी कटौती का ऐलान किया। नई घोषणा के बाद पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में सीधे 22 रुपये प्रति लीटर की कमी कर दी गई।

पहले भी कम हो चुकी है कीमतें

दिलचस्प बात यह है कि यह सिर्फ एक बार की राहत नहीं है। मई महीने में पाकिस्तान सरकार लगातार तीसरी बार तेल की कीमतें कम कर चुकी है। सबसे पहले 15 मई को पेट्रोल और डीजल पांच रुपये प्रति लीटर सस्ता किया गया। इसके बाद 22 मई को फिर कीमतों में कटौती हुई, जिसमें पेट्रोल छह रुपये और डीजल करीब 6.80 रुपये प्रति लीटर सस्ता हुआ। अब तीसरी बार बड़ी राहत देते हुए दोनों ईंधनों के दाम 22 रुपये तक घटा दिए गए हैं।

अगर पूरे महीने का हिसाब देखें तो पाकिस्तान में मई के दौरान पेट्रोल कुल 33 रुपये प्रति लीटर सस्ता हो चुका है। वहीं हाई-स्पीड डीजल की कीमत में लगभग 33.80 रुपये प्रति लीटर की कमी आई है। ऐसे समय में जब दुनिया के कई देशों में तेल के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रहे हैं, पाकिस्तान का यह फैसला चर्चा का विषय बना हुआ है।

देखें टेबल

तारीख पेट्रोल में कटौती डीजल में कटौती मुख्य वजह
15 मई 2026 5 रुपये प्रति लीटर 5 रुपये प्रति लीटर बढ़ती महंगाई से राहत
22 मई 2026 6 रुपये प्रति लीटर 6.80 रुपये प्रति लीटर साप्ताहिक समीक्षा के बाद कीमतों में कमी
29 मई 2026 22 रुपये प्रति लीटर 22 रुपये प्रति लीटर ईद-अल-अजहा पर सरकार का बड़ा राहत पैकेज

कुल कटौती (मई 2026)

  • पेट्रोल: 33 रुपये प्रति लीटर सस्ता
  • हाई-स्पीड डीजल: 33.80 रुपये प्रति लीटर सस्ता

क्यों कम हुई कीमतें

आपको बता दें कि पाकिस्तान में बीते कुछ महीनों से महंगाई ने लोगों की कमर तोड़ दी थी। मार्च और अप्रैल में पेट्रोल की कीमतें 414 रुपये प्रति लीटर से ऊपर पहुंच गई थीं। इसका असर सिर्फ गाड़ियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ट्रांसपोर्ट, माल ढुलाई और रोजमर्रा की चीजों के दाम भी तेजी से बढ़ने लगे। आम लोग परेशान हो गए और कई जगहों पर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी शुरू हो गए। ऐसे में सरकार पर दबाव बढ़ने लगा। राजनीतिक अस्थिरता के डर और जनता की नाराजगी को देखते हुए सरकार ने राहत देने का रास्ता चुना।

अंतरराष्ट्रीय पक्ष भी एक वजह

इसके पीछे एक और बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी IMF भी है। पाकिस्तान इस समय IMF की शर्तों के तहत अपनी आर्थिक नीतियां चला रहा है। IMF ने तेल पर एक निश्चित लेवी लगाने की शर्त रखी थी। लेकिन अब सरकार का टैक्स कलेक्शन लक्ष्य बेहतर स्थिति में बताया जा रहा है। इसी कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जो राहत मिली, उसका फायदा सरकार ने अपने पास रखने के बजाय लोगों को देना शुरू कर दिया।

भारत में पेट्रोल डीजल की कीमतें

भारत में लगातार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। भारत के ज्यादातर शहरों में पेट्रो ल की कीमतें 100 रुपये से 115 रुपये के बीच में हैं। डीजल की बात करें तो वो भी 95 रुपये से 105 रुपये के बीच में है। पिछले 10 दिनों के समय में चार बार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है।

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