पटना नगर निगम के सशक्त स्थाई समिति की 23वीं साधारण बैठक आज मेयर ऑफिस में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में 13 एजेंडों पर चर्चा होगी। सशक्त स्थाई समिति के चुनाव के बाद ये पहली बैठक है। आज की बैठक में पटना नगर निगम के ई-बिल सॉफ्टवेयर के ऑपरेशन और मेंटेनेंस के लिए एजेंसी के चयन को लेकर चर्चा होगी। इसके अलावा पटना नगर निगम अब रेंट पर गाड़ियां और मशीन लेगा, जिसे लेकर भी आज बैठक में सहमति बनेगी। हर वार्ड में लगाए गए स्ट्रीट लाइट की अपडेट रिपोर्ट पेश होगी वहीं, बोर्ड की बैठक में स्ट्रीट लाइट को लेकर जमकर हंगामा हुआ था। आज की बैठक में निगम क्षेत्र के हर वार्ड में लगाए गए स्ट्रीट लाइट की अपडेट रिपोर्ट और नए लाइट लगाने की सूची उपलब्ध कराने को लेकर चर्चा होगी। पटना नगर निगम में कार्यरत एजेंसियों के चयन के लिए निविदा प्रकाशित किया जाएगा। इस प्रक्रिया को लेकर भी आज की बैठक में विचार विमर्श किया जाएगा। लेगसी वेस्ट डिस्पोजल के प्रगति पर कार्य समीक्षा होगी राम चक बैरिया स्थित डंपिंग यार्ड में लेगसी वेस्ट डिस्पोजल के प्रगति पर कार्य समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही स्वच्छता सर्वेक्षण 2026 में किया जा रहे कामों की अपडेट रिपोर्ट ली जाएगी। इसके साथ ही आने वाले मानसून को देखते हुए पटना नगर निगम में किए गए तैयारी की समीक्षा की जाएगी। निगम क्षेत्र में नाला उड़ाही और साफ सफाई के साथ मैनहोल और कैचपीट के मरम्मत की अपडेट रिपोर्ट के साथ समीक्षा की जाएगी। 2940 प्रॉपर्टी को फ्री होल्ड करने को लेकर होगी चर्चा इसके साथ ही पटना नगर निगम द्वारा लीज पर आवंटित राजेंद्र नगर, श्री कृष्णा पुरी, पी आई टी कॉलोनी और बेउर स्थित भूखंडों, भवनों, फ्लैटों को लीज होल्ड से फ्री होल्ड करने के संबंध में भी चर्चा की जाएगी। पटना नगर निगम शहर में पटना क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण की 2940 प्रॉपर्टी को फ्री होल्ड करेगा। प्राधिकरण के भंग होने के बाद पूरी प्रॉपर्टी पटना नगर निगम के अधीन आ गई थी। मगर इन 65 वर्षों में निगम ने लीज पर दी गई प्रॉपर्टी को फ्री होल्ड नहीं किया था। इसका नतीजा यह हुआ कि अधिकतर प्रॉपर्टी पर अतिक्रमण के साथ ही दबंग का कब्जा हो गया। निगम को 300 से 500 करोड़ तक का हो रहा नुकसान वहीं, फ्री होल्ड नहीं होने से निगम को 300 से 500 करोड़ तक का नुकसान हो रहा है। फ्री होल्ड की नीति को लागू करने को लेकर निगम प्रशासन और कार्यकारणी के बीच सहमति बनाई जाएगी यह प्रस्ताव 2 साल से पेंडिंग है। मालिकाना हक न होने के बावजूद कई लिजधारी बिना अनुमति के इन संपत्तियों की अवैध खरीद बिक्री कर रहे हैं। इससे निगम को करोड़ों रुपए की रजिस्ट्री और ट्रांसफर फीस का नुकसान हो रहा है। पटना नगर निगम के सशक्त स्थाई समिति की 23वीं साधारण बैठक आज मेयर ऑफिस में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में 13 एजेंडों पर चर्चा होगी। सशक्त स्थाई समिति के चुनाव के बाद ये पहली बैठक है। आज की बैठक में पटना नगर निगम के ई-बिल सॉफ्टवेयर के ऑपरेशन और मेंटेनेंस के लिए एजेंसी के चयन को लेकर चर्चा होगी। इसके अलावा पटना नगर निगम अब रेंट पर गाड़ियां और मशीन लेगा, जिसे लेकर भी आज बैठक में सहमति बनेगी। हर वार्ड में लगाए गए स्ट्रीट लाइट की अपडेट रिपोर्ट पेश होगी वहीं, बोर्ड की बैठक में स्ट्रीट लाइट को लेकर जमकर हंगामा हुआ था। आज की बैठक में निगम क्षेत्र के हर वार्ड में लगाए गए स्ट्रीट लाइट की अपडेट रिपोर्ट और नए लाइट लगाने की सूची उपलब्ध कराने को लेकर चर्चा होगी। पटना नगर निगम में कार्यरत एजेंसियों के चयन के लिए निविदा प्रकाशित किया जाएगा। इस प्रक्रिया को लेकर भी आज की बैठक में विचार विमर्श किया जाएगा। लेगसी वेस्ट डिस्पोजल के प्रगति पर कार्य समीक्षा होगी राम चक बैरिया स्थित डंपिंग यार्ड में लेगसी वेस्ट डिस्पोजल के प्रगति पर कार्य समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही स्वच्छता सर्वेक्षण 2026 में किया जा रहे कामों की अपडेट रिपोर्ट ली जाएगी। इसके साथ ही आने वाले मानसून को देखते हुए पटना नगर निगम में किए गए तैयारी की समीक्षा की जाएगी। निगम क्षेत्र में नाला उड़ाही और साफ सफाई के साथ मैनहोल और कैचपीट के मरम्मत की अपडेट रिपोर्ट के साथ समीक्षा की जाएगी। 2940 प्रॉपर्टी को फ्री होल्ड करने को लेकर होगी चर्चा इसके साथ ही पटना नगर निगम द्वारा लीज पर आवंटित राजेंद्र नगर, श्री कृष्णा पुरी, पी आई टी कॉलोनी और बेउर स्थित भूखंडों, भवनों, फ्लैटों को लीज होल्ड से फ्री होल्ड करने के संबंध में भी चर्चा की जाएगी। पटना नगर निगम शहर में पटना क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण की 2940 प्रॉपर्टी को फ्री होल्ड करेगा। प्राधिकरण के भंग होने के बाद पूरी प्रॉपर्टी पटना नगर निगम के अधीन आ गई थी। मगर इन 65 वर्षों में निगम ने लीज पर दी गई प्रॉपर्टी को फ्री होल्ड नहीं किया था। इसका नतीजा यह हुआ कि अधिकतर प्रॉपर्टी पर अतिक्रमण के साथ ही दबंग का कब्जा हो गया। निगम को 300 से 500 करोड़ तक का हो रहा नुकसान वहीं, फ्री होल्ड नहीं होने से निगम को 300 से 500 करोड़ तक का नुकसान हो रहा है। फ्री होल्ड की नीति को लागू करने को लेकर निगम प्रशासन और कार्यकारणी के बीच सहमति बनाई जाएगी यह प्रस्ताव 2 साल से पेंडिंग है। मालिकाना हक न होने के बावजूद कई लिजधारी बिना अनुमति के इन संपत्तियों की अवैध खरीद बिक्री कर रहे हैं। इससे निगम को करोड़ों रुपए की रजिस्ट्री और ट्रांसफर फीस का नुकसान हो रहा है।


