सिटीजन फीडबैक में पटना देश में सेकेंड टॉप सिटी:स्वच्छ सर्वेक्षण में 4.5 लाख नागरिकों ने दिया फीडबैक, पटना नगर निगम की 14 टीम बनी

सिटीजन फीडबैक में पटना देश में सेकेंड टॉप सिटी:स्वच्छ सर्वेक्षण में 4.5 लाख नागरिकों ने दिया फीडबैक, पटना नगर निगम की 14 टीम बनी

स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के तहत आम लोगों से उनके शहर की साफ-सफाई की व्यवस्था पर फीडबैक लिया जा रहा है। पटना शहर फीडबैक में देशभर में दूसरे स्थान पर है। इसका सीधा असर सर्वेक्षण में पटना की रैंकिंग पर भी होगा। अब तक लगभग साढ़े चार लाख पटना के लोगों ने ऑनलाइन माध्यम से अपना फीडबैक दर्ज कराया है। स्वच्छ भारत मिशन ने इन आंकड़ों को जारी किया है। सिटीजन फीडबैक अभियान को सफल बनाने और आम नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से पटना नगर निगम ने वरीय पदाधिकारियों, कर्मचारियों और कंसल्टेंट्स की 2 सदस्यीय कुल 14 टीमें गठित की हैं। शहर के प्रमुख कोचिंग हब बोरिंग रोड, मुसल्लाहपुर हाट, बाजार समिति और अशोक राजपथ स्थित कोचिंग संस्थानों और हॉस्टलों में बड़ी संख्या में छात्रों ने ऑन-द-स्पॉट फीडबैक दिया। इसके अलावा टीम की ओर से भीड़-भाड़ वाले इलाकों जैसे रेलवे स्टेशन, पार्क, चिड़ियाघर, मॉल, स्लम बस्तियों और प्रमुख चौक-चौराहों पर जा-जाकर लोगों को फीडबैक करने संबंधी डेमो भी दिया जा रहा है। 12,500 अंकों पर होगा मूल्यांकन स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के अंतर्गत निकायों का मूल्यांकन कुल 12,500 अंकों के आधार पर किया जाएगा। सर्टिफिकेशन (ODF, Water Plus, Garbage Free City) में 2000 अंक, ऑन-ग्राउंड असेसमेंट में 9500 अंक और सिटीजन फीडबैक में 1000 अंक शामिल है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के तहत नागरिकों से शहर की साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े 13 सवाल पूछे जा रहे हैं। इन सवालों में घर-दुकान से कचरा उठाव, सूखा-गीला कचरा सेग्रेगेशन, नियमित सफाई, सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता, सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति, RRR सेंटर की जानकारी, शिकायत निवारण व्यवस्था, आदि विषय शामिल हैं। कैसे दें फीडबैक ? नागरिक फीडबैक के लिए ऑनलाइन पोर्टल cf.sbmurban.org तैयार किया गया है। नागरिक अपने मोबाइल नंबर से लॉगइन कर पूछे गए सवालों का जवाब भर सकते हैं और ओटीपी वेरीफिकेशन के बाद अपना फीडबैक सबमिट कर सकते हैं। एक फोन नंबर से एक ही फीडबैक दर्ज किया जा सकता है। केंद्रीय टीम की ओर से ऑन-फील्ड वेरिफिकेशन के दौरान भी शहरवासियों से यही प्रश्न पूछे जाएंगे और उनके अंक स्वच्छ सर्वेक्षण के कुल स्कोर में जोड़े जाएंगे। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के तहत आम लोगों से उनके शहर की साफ-सफाई की व्यवस्था पर फीडबैक लिया जा रहा है। पटना शहर फीडबैक में देशभर में दूसरे स्थान पर है। इसका सीधा असर सर्वेक्षण में पटना की रैंकिंग पर भी होगा। अब तक लगभग साढ़े चार लाख पटना के लोगों ने ऑनलाइन माध्यम से अपना फीडबैक दर्ज कराया है। स्वच्छ भारत मिशन ने इन आंकड़ों को जारी किया है। सिटीजन फीडबैक अभियान को सफल बनाने और आम नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से पटना नगर निगम ने वरीय पदाधिकारियों, कर्मचारियों और कंसल्टेंट्स की 2 सदस्यीय कुल 14 टीमें गठित की हैं। शहर के प्रमुख कोचिंग हब बोरिंग रोड, मुसल्लाहपुर हाट, बाजार समिति और अशोक राजपथ स्थित कोचिंग संस्थानों और हॉस्टलों में बड़ी संख्या में छात्रों ने ऑन-द-स्पॉट फीडबैक दिया। इसके अलावा टीम की ओर से भीड़-भाड़ वाले इलाकों जैसे रेलवे स्टेशन, पार्क, चिड़ियाघर, मॉल, स्लम बस्तियों और प्रमुख चौक-चौराहों पर जा-जाकर लोगों को फीडबैक करने संबंधी डेमो भी दिया जा रहा है। 12,500 अंकों पर होगा मूल्यांकन स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के अंतर्गत निकायों का मूल्यांकन कुल 12,500 अंकों के आधार पर किया जाएगा। सर्टिफिकेशन (ODF, Water Plus, Garbage Free City) में 2000 अंक, ऑन-ग्राउंड असेसमेंट में 9500 अंक और सिटीजन फीडबैक में 1000 अंक शामिल है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के तहत नागरिकों से शहर की साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े 13 सवाल पूछे जा रहे हैं। इन सवालों में घर-दुकान से कचरा उठाव, सूखा-गीला कचरा सेग्रेगेशन, नियमित सफाई, सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता, सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति, RRR सेंटर की जानकारी, शिकायत निवारण व्यवस्था, आदि विषय शामिल हैं। कैसे दें फीडबैक ? नागरिक फीडबैक के लिए ऑनलाइन पोर्टल cf.sbmurban.org तैयार किया गया है। नागरिक अपने मोबाइल नंबर से लॉगइन कर पूछे गए सवालों का जवाब भर सकते हैं और ओटीपी वेरीफिकेशन के बाद अपना फीडबैक सबमिट कर सकते हैं। एक फोन नंबर से एक ही फीडबैक दर्ज किया जा सकता है। केंद्रीय टीम की ओर से ऑन-फील्ड वेरिफिकेशन के दौरान भी शहरवासियों से यही प्रश्न पूछे जाएंगे और उनके अंक स्वच्छ सर्वेक्षण के कुल स्कोर में जोड़े जाएंगे।  

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