Income Tax Department: अगर आप नया पैन कार्ड (PAN Card) बनवाने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 1 अप्रैल से पैन कार्ड आवेदन की पूरी प्रक्रिया को बदल दिया है। पैन कार्ड आपके वित्तीय मामलों से जुड़ा एक अहम दस्तावेज है। इसके आवेदन की प्रोसेस को सरल करने के लिए विभाग ने अब पुराने फॉर्म 49A और 49AA की जगह चार नए और खास फॉर्म लागू किए है। सरकार का मकसद इस प्रक्रिया को छोटा, आसान और डिजिटल फ्रेंडली बनाना है।
कौन सा फॉर्म आपके लिए है?
पहले केवल दो ही फॉर्म होते थे। आयकर अधिनियम, 1962 के नियम 114 के तहत फॉर्म 49A के जरिए भारतीय नागरिक आवेदन कर सकते थे। फॉर्म 49AA के जरिए NRI और विदेशी संस्थाएं आवेदन कर सकती थी। लेकिन इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने इन दोनों फॉर्म की जगह चार नए फॉर्म जारी किए है। इन फॉर्म को अलग अलग चार कैटेगरी के लिए तैयार किया गया है।
- फॉर्म 93: यह भारत में रहने वाले आम नागरिकों (Resident Individuals) के लिए है।
- फॉर्म 94: यह भारतीय कंपनियों या भारत में रजिस्टर्ड संस्थाओं के लिए बनाया गया है।
- फॉर्म 95: यह उन विदेशी नागरिकों के लिए है जो भारत में पैन कार्ड चाहते हैं।
- फॉर्म 96: यह उन विदेशी कंपनियों या संस्थाओं के लिए है जिनका रजिस्ट्रेशन भारत के बाहर हुआ है।
और क्या-क्या बदल गया?
नए फॉर्म्स में कई पुरानी और लंबी-लंबी जानकारियों को हटा दिया गया है। अब आपको नाम के आगे लगने वाले ‘सैल्यूटेशन’ (जैसे श्री, श्रीमती) या नाम के शॉर्ट फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होगी। इसके मुख्य बदलाव ये है-
- आधार जैसा नाम: अब आपको अपना पूरा नाम वैसा ही लिखना होगा जैसा आधार कार्ड पर है। कोई भी शॉर्टकट नहीं चलेगा।
- मां का नाम जरूरी: पहले मां का नाम देना अनिवार्य नहीं था, लेकिन अब यह कंपल्सरी कर दिया गया है।
- मोबाइल और ईमेल अनिवार्य: अब फॉर्म में मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी देना जरूरी है, ताकि आपको सीधे अपडेट और नोटिफिकेशन मिल सकें।
- फोटो का नया नियम: पहचान को और बेहतर बनाने के लिए अब आवेदन में पहले से बड़ी और साफ फोटो लगानी होगी।
- रेसिडेंसी स्टेटस: अब आपको यह स्टेटस बताना जरूरी होगा कि आप भारतीय निवासी हैं, एनआरआई (NRI) हैं या RNOR (Resident But Not Ordinarily Resident) हैं। NRI या RONR कैटेगरी के आवेदकों को पासपोर्ट संबंधी जानकारी और टीआईएन जैसे अतिरिक्त विवरण भी जमा करने होंगे।
अगर आपको अपने पुराने पैन कार्ड में कोई सुधार करवाना है, तो उसके लिए भी सिस्टम अलग कर दिया गया है। अब सुधार के लिए दो अलग फॉर्म होंगे। इसके तहत साधारण नागरिकों के लिए पैन सीआर-01 और कंपनियों के लिए पैन सीआर-02। ये सभी बदलाव टैक्स चोरी रोकने और डेटा को ज्यादा सटीक बनाने के लिए किए गए हैं।


