अखबार ऐसा हो, जिसमें समझौते नहीं करने पड़े… तो बना पत्रिका
Rajasthan Patrika: राजस्थान पत्रिका की निष्पक्ष पत्रकारिता के सफल 70 साल पूरे होने पर आप सब पाठकों के मन में एक सवाल जरूर कौंधता होगा कि आखिर कैसे पाठकों के अपने अखबार की नींव पड़ी? इसी सवाल का जवाब श्रद्धेय कर्पूर चंद्र कुलिश ने अपनी आत्मकथ्य आधारित पुस्तक ‘धाराप्रवाह’ में विस्तार से दिया है। सवाल…


