घाणेराव की मिट्टी से हुब्बल्ली की बुलंदियों तक, नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बने प्रकाशचन्द कोठारी
राजस्थान और कर्नाटक के बीच जीवंत सेतुधर्म और मानव सेवा में उनकी सक्रिय भूमिका उन्हें समाज का विश्वसनीय स्तंभ बनाती है। हर वर्ष वे दो बार राजस्थान जरूर जाते हैं और अपनी जन्मभूमि से भावनात्मक रिश्ता बनाए रखते हैं। प्रकाशचन्द कोठारी की कहानी राजस्थान और कर्नाटक के बीच एक जीवंत सेतु है जो नई पीढ़ी…


