बूंदी. जिला कलक्टर हरफूल सिंह यादव के निर्देशन में चलाए जा रहे स्वच्छ बूंदी अभियान को जनभागीदारी से बल मिला है। राजस्थान पत्रिका द्वारा प्रत्येक शुक्रवार को आयोजित मोहल्ला मीटिंग में सामने आई समस्याओं पर प्रशासन ने संज्ञान लिया है। इसके बाद कलक्टर ने अधीनस्थ अधिकारियों को वार्डों में मोहल्ला बैठकें कर जमीनी हकीकत जानने के निर्देश दिए। गुरुवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओपी. सामर ने अपने आवंटित वार्डों का सघन निरीक्षण किया।
उन्होंने वार्ड सदस्यों, पार्षदों और वार्डवासियों के साथ मोहल्ला बैठकें की। इन बैठकों में डॉ. सामर ने पिछले दिनों हुई सफाई व्यवस्थाओं की समीक्षा की और सामने आई समस्याओं व उनके समाधान पर चर्चा की। पत्रिका की मोहल्ला मीटिंगों में गंदगी, जलापूर्ति में देरी, खुले नाले और अन्य क्षेत्रीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया था, जिससे जनता की आवाज प्रशासन तक पहुंची। डॉ. सामर ने स्पष्ट किया कि स्वच्छता केवल प्रशासन का नहीं, बल्कि हर नागरिक का दायित्व है।
उन्होंने वार्ड सदस्यों से नालों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने, खुले मेनहोल तुरंत ढंकने और आवारा पशुओं को गोशालाओं में भेजने की कार्यवाही तेज करने को कहा। इसके अलावा पॉलिथिन के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और कपड़े व कागज के थैलों के को बढ़ावा देने की अपील की गई। अभियान के लिए नागरिकों का सहयोग आवश्यक बताया।
स्वच्छता के प्रति किया जागरूक
डॉ.सामर ने वार्ड के लोगों को नगर परिषद और प्रशासन के सहयोग से नालियों की सफाई, मरम्मत, स्ट्रीट लाइट सुधार, मेनहोल बंद करवाने एवं कचरा संग्रहण व्यवस्था सुदृढ़ करने जैसे कार्य तेजी से किए जाने की बात कहीं। वार्डवासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। उन्होंने बूंदी को स्वच्छ एवं आदर्श जिला बनाने का लक्ष्य हासिल करने की बात कही।
कचरा सड़कों पर न डालकर वाहन में डाले
डॉ.सामर ने वार्डवासियों को स्वच्छता, शुद्ध पेयजल के महत्त्व और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने लोगों से घरों का कचरा सड़कों या नालियों में न डालकर कचरा संग्रहण वाहन में डालने को कहा, ताकि जिससे नालियां जाम होने और गंदगी फैलने की समस्या से बचा जा सके। पाइपलाइन लीकेज और उसमें नालियों के पानी के मिश्रण से दूषित जल की समस्या पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने शुद्ध पेयजल उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि दूषित जल अनेक बीमारियों का कारण बनता है। उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली के तहत नियमित दिनचर्या, सुबह जल्दी उठना, व्यायाम, प्राणायाम, संतुलित आहार और स्वच्छ पानी पीने की महत्ता समझाई।


