Odisha Landslide: लापता 12 ग्रामीणों की तलाश में जुटी Indian Navy, अत्याधुनिक उपकरणों से होगा रेस्क्यू

Odisha Landslide: लापता 12 ग्रामीणों की तलाश में जुटी Indian Navy, अत्याधुनिक उपकरणों से होगा रेस्क्यू

ओडिशा सरकार ने उन 12 लोगों की तलाश तेज कर दी है, जो एक दिन पहले चक्रवात अर्नब के कारण हुई बारिश से गंजाम और कंधमाल जिलों की सीमा पर स्थित एक गांव में हुए भूस्खलन के बाद लापता हो गए थे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बचाव दल रविवार से मलबे में दबे लोगों का पता लगाने के लिए भारतीय नौसेना के एक अत्याधुनिक उपकरण का इस्तेमाल करेगा।

दुर्गम पहाड़ी और वन क्षेत्र में शुक्रवार रात से ही तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इसमें राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ), विशेष अभियान समूह (एसओजी), रेलवे, भारतीय नौसेना और ओडिशा पुलिस के अग्निशमन दल के करीब 170 कर्मी संयुक्त रूप से शामिल हैं। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने स्थिति की समीक्षा करने के बाद अधिकारियों को भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में जारी तलाशी अभियान में नौसेना की ‘सीस्मिक लाइफ डिटेक्शन यूनिट’ और रेलवे के ‘चेन पुली सिस्टम’ जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया।

विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) राजेश पी. पाटिल के अनुसार, भारतीय नौसेना का एक हेलीकॉप्टर प्रभावित गिड़ीपबाली गांव के निकट जी. उदयगिरि कस्बे में तीन अत्याधुनिक तलाश उपकरण लेकर पहुंचा, जिनमें ‘सीस्मिक लाइफ डिटेक्शन यूनिट’, ‘वाइब्रेशन डिटेक्शन यूनिट’ और ‘विक्टिम लोकेशन कैमरा’ शामिल हैं। एसआरसी ने कहा, हालांकि, खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर नीचे नहीं उतर सका। उपकरण सड़क मार्ग से भेजे जा रहे हैं और रविवार सुबह शुरुआती घंटों में इस्तेमाल के लिए उपलब्ध हो जाएंगे।

उन्होंने कहा कि भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बचाव कार्य में भी कठिनाई आ रही है। तलाश अभियान में तेजी लाने के लिए विशेषज्ञों से परामर्श कर सभी आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं। समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को लापता लोगों की तलाश को प्राथमिकता देने और लोगों की जान बचाने पर विशेष ध्यान देने के सख्त निर्देश दिए।

उन्होंने कहा, ‘‘लोगों की सुरक्षा और उनकी जान बचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।’’
आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से बातचीत की और बचाव अभियान में रेलवे का सहयोग मांगा। मंत्रालय ने इस संबंध में सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि गंजाम समेत बाढ़ प्रभावित जिलों में बचाव एवं राहत अभियान तेज कर दिए गए हैं और लोगों की सुरक्षा तथा कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

माझी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और राहत शिविरों में आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। प्रशासन और बचाव दल प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।’’
वहीं, विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव के कारण ओडिशा के कंधमाल जिले में हुए भूस्खलन की घटना में कई लोगों की जान जाने और अनेक लोगों के लापता होने की खबर से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि लोगों को बचाने के लिए सभी आवश्यक कदम तत्काल उठाए जाएं और जनजीवन सामान्य बनाने की दिशा में प्रयास तेज किए जाये।’’
गिड़ीपबाली गांव में भूस्खलन से बचकर निकले 13 लोगों ने कंधमाल जिले के जी. उदयगिरि के निकट एक राहत केंद्र में शरण ली है।

कंधमाल के जिलाधिकारी वेदभूषण ने बताया कि इन लोगों में दो बच्चे भी शामिल हैं। राहत केंद्र में मौजूद रीनीमा मलिक ने कहा, पहाड़ी से भारी मात्रा में कीचड़ और मलबा तेजी से नीचे आया, जिसने घरों को अपनी चपेट में लेकर पूरे गांव को तबाह कर दिया। मलिक ने कहा, हममें से कुछ लोग किसी तरह वहां से भागने में सफल रहे और बाकी लोग भी हमारे पीछे आ रहे थे, लेकिन वे यहां तक नहीं पहुंच सके।

एक अन्य जीवित बची महिला सौदामिनी मलिक ने बताया कि उनके कुछ रिश्तेदार अब भी लापता हैं। उन्होंने प्रशासन से उनकी जान बचाने की अपील की। उन्होंने दावा किया, जो लोग बचकर निकले हैं, उन सभी को पत्थरों की चोट लगने से चोटें आई हैं।

जी. उदयगिरि के प्रखंड विकास अधिकारी सत्यनारायण मिश्रा ने बताया कि घायल महिलाओं समिता मलिक और मनीमा प्रधान को स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। गंजाम के जिलाधिकारी वी. कीर्ति वासन ने कहा कि आस्का और जिले के अन्य हिस्सों में राहत कार्य तेज कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा, स्थिति सामान्य करने के लिए समन्वित प्रयासों के चलते आस्का में हालात में सुधार हो रहा है।

उन्होंने बताया कि शुक्रवार शाम तक पेयजल के 10 टैंकर और लगभग 30,000 बोतलें वितरित की गई थीं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *