ओडिशा में बाढ़ की स्थिति में शुक्रवार को सुधार के संकेत दिखे, क्योंकि अधिक बारिश नहीं होने के कारण प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आ गया। सुधरे हालात से राज्य सरकार को राहत कार्य तेज करने में मदद मिली। हालांकि, यह राहत ज्यादा समय तक रहने की संभावना नहीं है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार से 27 अगस्त तक राज्य में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। इस दौरान तटीय और उत्तरी ओडिशा में भारी बारिश का अनुमान है, जबकि ये क्षेत्र इस साल पहले ही दो बार बाढ़ का सामना कर चुके हैं। राज्य सरकार ने एक बयान में कहा कि बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, मयूरभंज और क्योंझर जिलों में बचाव एवं राहत अभियान चुनौतीपूर्ण रहा, जहां 13.44 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।
सुंदरगढ़ जिले को भी शुक्रवार को बाढ़ प्रभावित जिलों की सूची में शामिल किया गया। विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) कार्यालय ने बताया कि शुक्रवार को प्रमुख नदियों में जलस्तर घटने का रुख देखा गया और वे खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। इसके अनुसार, 880 राहत केंद्रों में 4,87,350 लोगों को आश्रय दिया गया है।
एसआरसी राजेश पी. पाटिल ने कहा, सभी प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास कार्य जारी हैं तथा स्थिति पर चौबीस घंटे नजर रखी जा रही है। प्रभावित जिलों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ), अग्निशमन सेवा, पुलिस और नागरिक सुरक्षा कर्मियों की 126 बचाव टीमें तैनात की गई हैं। राज्य सरकार ने बीमारियों के प्रसार को रोकने के लिए 93 चिकित्सा सहायता दल भी तैनात किए हैं।

