राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी एनटीए ने परीक्षाओं की तैयारी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर बदलाव शुरू कर दिए हैं। एजेंसी ने अपने विशेषज्ञ पैनल से करीब 600 विशेषज्ञों को हटाकर नए विशेषज्ञों को शामिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही अब हर प्रश्नपत्र को परीक्षा से पहले चार अलग-अलग स्तरों पर जांचने का फैसला किया गया है।
मंगलवार को हुई समीक्षा बैठक में एनटीए के महानिदेशक ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को एजेंसी की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी दी। बैठक में बताया गया कि अगले दो से तीन सप्ताह में एनटीए में 20 से 25 नए अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। इसके अलावा एजेंसी के कार्यालयों को भी नए परिसरों में स्थानांतरित करने का काम तेजी से किया जा रहा है। संवेदनशील परीक्षा संबंधी कामकाज की सुरक्षा बढ़ाने के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की टीमें भी तैनात की जा रही हैं।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि परीक्षाओं के सुचारू संचालन के लिए जरूरी सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था समय पर पूरी की जाए। बैठक में एनटीए की व्यापक भर्ती योजना की भी समीक्षा की गई है।
प्रश्नपत्रों की चार स्तरों पर जांच का फैसला परीक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। इसके तहत प्रश्नपत्र तैयार होने के अलग-अलग चरणों में उनकी दोबारा जांच की जाएगी। इसमें सवालों की तथ्यात्मक शुद्धता, भाषा, अनुवाद और छपाई से जुड़ी गलतियों को देखा जाएगा। अंतिम रूप देने से पहले यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रश्नों में कोई गंभीर त्रुटि या अनावश्यक दोहराव न रह जाए।
गौरतलब है कि यह बदलाव जून 2026 में यूजीसी-नेट की अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र की परीक्षाओं में सामने आई गंभीर गड़बड़ियों के बाद किए जा रहे हैं। इन तीन प्रश्नपत्रों को रद्द करके दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया था। परीक्षार्थियों की ओर से कई शिकायतें मिलने के बाद गठित समिति ने प्रश्नपत्रों की जांच की थी।
जांच में तथ्यात्मक, टंकण और अनुवाद संबंधी कई गलतियां मिली थीं। कुछ सवाल गलत तरीके से तैयार किए गए थे, जबकि कई प्रश्न दोहराए भी गए थे। समिति ने माना था कि गलतियां इतनी अधिक थीं कि केवल विवादित सवाल हटाकर उत्तर कुंजी की प्रक्रिया के जरिए समस्या का समाधान नहीं किया जा सकता था।
बता दें कि शिक्षा मंत्री की सोमवार को हुई पहली समीक्षा बैठक में एनटीए की पूरी परीक्षा प्रक्रिया का व्यापक लेखा-परीक्षण कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके साथ ही गोपनीय कामकाज की व्यवस्था में भी बदलाव करने को कहा गया था। संवेदनशील कार्यों के लिए अलग कमरे, बाहरी नेटवर्क से अलग कंप्यूटर प्रणाली और कर्मचारियों के लिए उपकरण जमा करने की अनिवार्य व्यवस्था पर जोर दिया गया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, एनटीए में पहले ही 50 से अधिक कर्मचारियों को व्यापक पुनर्गठन के तहत हटाया जा चुका है। यह कार्रवाई तीन यूजीसी-नेट प्रश्नपत्रों में मिली गलतियों से सीधे जुड़ी नहीं बताई गई है।
एनटीए अब तकनीक और परीक्षा सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण पद भी भर रहा है। इनमें मुख्य तकनीकी अधिकारी, मुख्य वित्त अधिकारी, मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी और परीक्षा सुरक्षा, शोध तथा मनोमिति से जुड़े महाप्रबंधक के पद शामिल हैं। साइबर सुरक्षा, मनोमिति और प्रश्नपत्र तैयार करने जैसे क्षेत्रों में निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों को भी जोड़ा जा रहा है। इन बदलावों का उद्देश्य देश की प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं में भरोसा और पारदर्शिता बढ़ाना है।

