NSE IPO को अंतिम दिन मिला 5.71 गुना सब्सक्रिप्शन, 90300 करोड़ की आई भारी मांग

NSE IPO को अंतिम दिन मिला 5.71 गुना सब्सक्रिप्शन, 90300 करोड़ की आई भारी मांग

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त समर्थन मिला है। सोमवार को आवेदन की आखिरी तारीख तक 22,569 करोड़ रुपये के इस निर्गम के लिए कुल शेयरों के मुकाबले 5.71 गुना आवेदन मिले। खास बात यह रही कि सबसे ज्यादा रुचि बड़े संस्थागत निवेशकों ने दिखाई, जिनके लिए तय हिस्सा 12.68 गुना भर गया है।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, एनएसई के आईपीओ में 8.86 करोड़ शेयर पेश किए गए थे। इसके मुकाबले निवेशकों ने करीब 50.58 करोड़ शेयरों के लिए आवेदन किया। इस तरह कुल मिलाकर करीब 90,300 करोड़ रुपये की मांग सामने आई, जबकि निर्गम का आकार लगभग 22,568 करोड़ रुपये था।

गौरतलब है कि एनएसई का यह आईपीओ देश के इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा आईपीओ  बन गया है। इससे पहले भारतीय जीवन बीमा निगम ने 2022 में करीब 21,000 करोड़ रुपये का आईपीओ  पेश किया था, जिसे एनएसई ने पीछे छोड़ दिया है। हालांकि, 2024 में हुंडई मोटर इंडिया का 27,870 करोड़ रुपये का निर्गम अभी भी देश का सबसे बड़ा आईपीओ  बना हुआ है।

निवेशकों की अलग-अलग श्रेणियों में भी मांग में काफी अंतर देखने को मिला। योग्य संस्थागत खरीदारों के लिए आरक्षित हिस्सा 12.68 गुना भर गया। गैर-संस्थागत निवेशकों की श्रेणी में 6.55 गुना आवेदन मिले, जबकि छोटे यानी खुदरा निवेशकों के लिए रखा गया हिस्सा 1.39 गुना भरा है।

खुदरा निवेशकों के आंकड़े आवंटन को लेकर भी चर्चा में हैं। 1.39 गुना अभिदान के आधार पर शुरुआती अनुमान लगाया जाए तो करीब 75 प्रतिशत पात्र खुदरा आवेदकों को शेयर मिलने की संभावना बनती है। आसान भाषा में कहें तो लगभग हर चार में से तीन आवेदक को शेयर मिल सकते हैं। हालांकि यह सिर्फ एक अनुमान है। वास्तविक आवंटन वैध आवेदनों की संख्या और आईपीओ  के तय नियमों के अनुसार होगा। इसलिए 75 प्रतिशत को पक्का आवंटन अनुपात नहीं माना जा सकता।

एनएसई के आईपीओ में एक लॉट में आठ शेयर रखे गए हैं। शेयरों के लिए कीमत का दायरा 1,700 रुपये से 1,785 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था। ऊपरी कीमत पर एक लॉट के लिए निवेशक को 14,280 रुपये लगाने पड़ते हैं।

इस बीच ग्रे बाजार में एनएसई के शेयरों को लेकर उत्साह पहले की तुलना में कुछ कम हुआ है। एक ताजा अनुमान के अनुसार ग्रे बाजार प्रीमियम करीब तीन प्रतिशत संभावित लिस्टिंग लाभ की ओर इशारा कर रहा है। हालांकि ग्रे बाजार का प्रीमियम अनौपचारिक होता है और शेयर बाजार की ओर से इसे मान्यता नहीं मिली है। इसलिए इससे वास्तविक लिस्टिंग कीमत या मुनाफे की गारंटी नहीं मिलती है।

बता दें कि आईपीओ से पहले एनएसई ने 189 एंकर निवेशकों से 6,746.18 करोड़ रुपये जुटाए थे। इन निवेशकों को 1,785 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर 3.78 करोड़ शेयर आवंटित किए गए थे। यह आवंटन 16 सितंबर को हुआ था। अब निवेशकों की नजर शेयरों के आवंटन और इसके बाद बाजार में एनएसई की लिस्टिंग पर टिकी हैं।

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