एमपी में अब व्हीकल ऑनर्स की चालान हिस्ट्री से बनेगी रिपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया में बड़ा बदलाव

एमपी में अब व्हीकल ऑनर्स की चालान हिस्ट्री से बनेगी रिपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया में बड़ा बदलाव

Driving Licenses – ट्रैफिक रूल्स फॉलो करना आपकी और दूसरे ड्राइवर की जान बचा सकता है। दूसरी ओर, ट्रैफिक रूल का पालन नहीं करना न केवल आपकी व अन्य किसी की जान जोखिम में डालेगा बल्कि अब आपका ड्राइविंग लाइसेंस भी रिन्यू नहीं होने देगा। केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की नई गाइडलाइन के अंतर्गत यह प्रावधान किया गया है। नए नियमों के अनुसार व्हीकल ऑनर्स की चालान हिस्ट्री रिपोर्ट के आधार पर ही ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यू होगा। तीन बार से ज्यादा दंडात्मक कार्रवाई की स्थिति में रिन्यू लायसेंस नहीं मिलेगा। वाहनों की बीमा में भी इसी प्रकार की सख्ती दिखाई गई है। अब बगैर थर्ड पार्टी बीमा के कोई भी गाड़ी नहीं चला सकेंगे।

मध्यप्रदेश सहित सभी राज्यों में केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने नई गाइडलाइन भेजी है। इसके अंतर्गत 15 साल पुरानी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नवीनीकरण एवं ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण करते वक्त व्हीकल ऑनर्स की चालान हिस्ट्री रिपोर्ट देखी जाएगी। प्रदेश में भी इसका पालन किया जा रहा है।

नई गाइडलाइन के अनुसार ड्राइविंग लाइसेंस अब हर हाल में व्हीकल ऑनर्स की चालान हिस्ट्री रिपोर्ट के आधार पर ही बनाया जाएगा

केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की नई गाइडलाइन के अनुसार ड्राइविंग लाइसेंस अब हर हाल में व्हीकल ऑनर्स की चालान हिस्ट्री रिपोर्ट के आधार पर ही बनाया जाएगा। इसमें सख्त प्रावधान है कि यदि तीन बार से ज्यादा दंडात्मक कार्रवाई दर्ज पाई गई तो रिन्यू लायसेंस नहीं मिलेगा।

दो पहिया एवं चार पहिया गाडिय़ों को शोरूम से खरीदने के 3 साल बाद व्हीकल ऑनर्स को थर्ड पार्टी इंश्योरेंस करवाना अनिवार्य

इसी प्रकार सड़क पर अब बगैर थर्ड पार्टी बीमा कोई भी गाड़ी संचालित नहीं की जा सकेगी। दो पहिया एवं चार पहिया गाडिय़ों को शोरूम से खरीदने के 3 साल बाद व्हीकल ऑनर्स को थर्ड पार्टी इंश्योरेंस करवाना अनिवार्य रहेगा। दुर्घटना की स्थिति में थर्ड पार्टी बीमा ही घायल या मृतक को अदालत द्वारा निर्धारित मुआवजा दिलाने में सहायक साबित होता है।

सड़क सुरक्षा और बेहतर निगरानी के उद्देश्य से विभाग ने 61 प्रमुख संशोधनों की तैयारी की है। प्रस्तावित बदलावों के अनुसार, अब बिना बीमा वाले वाहनों को जब्त करने का अधिकार परिवहन उडऩ दस्ते को मिलेगा। नियम उल्लंघन और जुर्माना लंबित होने की स्थिति में आरसी को निलंबित किया जा सकेगा। वाहन खरीद की तारीख से ही पंजीकरण की वैधता मानी जाएगी।

प्रमुख बिंदु

ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण के समय ड्राइवर के चालान और व्यवहार का रिकॉर्ड देखा जाएगा।
जिन लोगों का लाइसेंस पिछले तीन वर्षों में रद्द हुआ है, उन्हें नया लाइसेंस नहीं दिया जाएगा।
बगैर थर्ड पार्टी बीमा कोई भी गाड़ी नहीं चलाई जा सकेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *