मोक्ष और ज्ञान की धरती गयाजी में 6-7 मार्च को महेश सिंह यादव कॉलेज परिसर में 2 दिवसीय निरंकारी संत समागम का आयोजन होगा। तैयारियां अंतिम चरण में हैं। आयोजकों का दावा है कि करीब 4 लाख भक्त इस समागम में शामिल हो सकते हैं। यह आयोजन संत निरंकारी मिशन से जुड़े श्रद्धालुओं की ओर से किया जा रहा है। मिशन मानव एकता, सत्संग, सेवा और सिमरन के सिद्धांत पर चलने वाला आध्यात्मिक संगठन है। देश-विदेश में इसके करोड़ों अनुयायी हैं। महेश सिंह यादव कॉलेज के रंजीत कुमार ने बताया कि निरंकारी मिशन से जुड़े लोगों ने समागम के लिए परिसर उपलब्ध कराने का आग्रह किया था। कॉलेज प्रशासन ने सामाजिक-धार्मिक आयोजन को देखते हुए परिसर नि:शुल्क देने का निर्णय लिया। उनका कहना है कि यहां आने वाले लोग आध्यात्मिक शिक्षा और सकारात्मक संदेश लेकर लौटेंगे।
पहले दिन स्वागत कार्यक्रम होगा। दूसरे दिन मुख्य प्रवचन और सत्संग का आयोजन किया जाएगा। प्रवचन के माध्यम से ब्रह्मज्ञान और मानवता का संदेश दिया जाएगा। दो दिनों तक गया में भक्ति, प्रवचन और सेवा का माहौल रहेगा समागम की व्यवस्थाओं में जुटे राजेश सिंह ने बताया कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए रिहायशी टेंट, भोजन, पेयजल और शौचालय की व्यापक व्यवस्था की जा रही है। कॉलेज परिसर को अस्थायी आध्यात्मिक नगर में बदला जा रहा है।
आयोजकों का कहना है कि गया सदियों से मोक्ष की भूमि रही है। ऐसे में यहां होने वाला यह समागम श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। प्रशासनिक स्तर पर भी भीड़ प्रबंधन को लेकर समन्वय किया जा रहा है। दो दिनों तक गया में भक्ति, प्रवचन और सेवा का माहौल रहेगा। शहर एक बार फिर आध्यात्मिक संवाद का केंद्र बनने जा रहा है। मोक्ष और ज्ञान की धरती गयाजी में 6-7 मार्च को महेश सिंह यादव कॉलेज परिसर में 2 दिवसीय निरंकारी संत समागम का आयोजन होगा। तैयारियां अंतिम चरण में हैं। आयोजकों का दावा है कि करीब 4 लाख भक्त इस समागम में शामिल हो सकते हैं। यह आयोजन संत निरंकारी मिशन से जुड़े श्रद्धालुओं की ओर से किया जा रहा है। मिशन मानव एकता, सत्संग, सेवा और सिमरन के सिद्धांत पर चलने वाला आध्यात्मिक संगठन है। देश-विदेश में इसके करोड़ों अनुयायी हैं। महेश सिंह यादव कॉलेज के रंजीत कुमार ने बताया कि निरंकारी मिशन से जुड़े लोगों ने समागम के लिए परिसर उपलब्ध कराने का आग्रह किया था। कॉलेज प्रशासन ने सामाजिक-धार्मिक आयोजन को देखते हुए परिसर नि:शुल्क देने का निर्णय लिया। उनका कहना है कि यहां आने वाले लोग आध्यात्मिक शिक्षा और सकारात्मक संदेश लेकर लौटेंगे।
पहले दिन स्वागत कार्यक्रम होगा। दूसरे दिन मुख्य प्रवचन और सत्संग का आयोजन किया जाएगा। प्रवचन के माध्यम से ब्रह्मज्ञान और मानवता का संदेश दिया जाएगा। दो दिनों तक गया में भक्ति, प्रवचन और सेवा का माहौल रहेगा समागम की व्यवस्थाओं में जुटे राजेश सिंह ने बताया कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए रिहायशी टेंट, भोजन, पेयजल और शौचालय की व्यापक व्यवस्था की जा रही है। कॉलेज परिसर को अस्थायी आध्यात्मिक नगर में बदला जा रहा है।
आयोजकों का कहना है कि गया सदियों से मोक्ष की भूमि रही है। ऐसे में यहां होने वाला यह समागम श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। प्रशासनिक स्तर पर भी भीड़ प्रबंधन को लेकर समन्वय किया जा रहा है। दो दिनों तक गया में भक्ति, प्रवचन और सेवा का माहौल रहेगा। शहर एक बार फिर आध्यात्मिक संवाद का केंद्र बनने जा रहा है।


