Alpine Divorce Trend: डिजिटल दुनिया में कब क्या ट्रेंड बन जाए किसीको नहीं पता। इंटरनेट की दुनिया में ‘अल्पाइन डिवोर्स’ (Alpine Divorce Kya hai) को लेकर चर्चा है। इस वायरल ट्रेंड को देखने के बाद अधिकतर महिलाएं खौफ में जी रही हैं। पहाड़ पर जाने वाले कपल्स को जरा ध्यान देने की जरुरत है! चलिए, हम अल्पाइन डिवॉर्स के बारे में काम की बातें जानते हैं।
क्या है ‘अल्पाइन डिवोर्स’?
‘अल्पाइन डिवोर्स’ इंटरनेट पर इस्तेमाल किया जाने वाला एक स्लैंग (Slang) है। इसका मतलब है-अपने पार्टनर को किसी दुर्गम पहाड़ी इलाके, ट्रैकिंग रूट या जंगल में अकेला छोड़ देना, जहां से उसका सुरक्षित वापस आना लगभग नामुमकिन हो।
ये सुनने के बाद आप बोलेंगे- “ऐसा कौन करता है यार…”
पर, सच यही है कि कपल्स ऐसा कर रहे हैं। पुरुष पार्टनर अपनी महिला पार्टनर को दूरी पहाड़ी पर लेकर जाकर छोड़ रहे हैं। ऐसे कुछ केस सामने आए जिसके बाद इसको लेकर खूब चर्चा हो रही है।
कल्पना करना भी खौफनाक!
एक बार के लिए आप खुद से इस बात की कल्पना करें। आप अपने बॉयफ्रेंड या हसबैंड के साथ पहाड़ों की सैर पर निकले हैं और अचानक वह आपको बर्फीली चोटियों या खतरनाक रास्तों पर अकेला छोड़कर गायब हो जाए। ‘अल्पाइन’ शब्द स्विट्जरलैंड या स्कॉटलैंड जैसी ऊंची और ठंडी पहाड़ियों की ओर इशारा करता है, जहां छोड़ देने के बाद बिना किसी तैयारी के अकेले जीवित रहना नामुमकिन-सा होता है।
130 साल पुरानी कहानी से निकला था ये शब्द
भले ही यह आज टिकटॉक और एक्स (X) पर ये ट्रेंड कर रहा है, लेकिन इसका मूल 1893 की एक कहानी में है। मतलब ये नया ट्रेंड सालों पुराना है। लेखक रॉबर्ट बर्र (Robert Barr) ने ‘एन अल्पाइन डिवोर्स’ नाम से एक लघु कथा लिखी थी। इसमें एक पति अपनी पत्नी से पीछा छुड़ाने के लिए उसे स्विस आल्प्स की पहाड़ियों में ले जाकर मौत के मुंह में धकेलने की साजिश रचता है।
यह ट्रेंड क्या दर्शाता है?
मनोवैज्ञानिकों और विशेषज्ञों का मानना है कि यह ट्रेंड समाज में रिश्तों के बीच बढ़ते अविश्वास और अलगाव को दिखाता है। जहां एक तरफ लोग इसे ‘डार्क ह्यूमर’ के तौर पर ले रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ यह महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर चेतावनी भी है।
सुनसान या पहाड़ी इलाके में ट्रैकिंग पर जाएं तो क्या करें
- परिवार या दोस्तों को बताकर जाएं
- अपना मैप लेकर जाएं
- सुरक्षा के लिए जरूरी सामान और साधन हमेशा अपने साथ रखें


