हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के काफिले को काले झंडे दिखाने के मामले में गुरुग्राम पुलिस ने शुक्रवार को कांग्रेस के आठ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है। पुलिस ने उन पर वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था में बाधा डालने और सरकारी काम में रुकावट डालने के आरोप लगाए हैं। यह विरोध प्रदर्शन उस समय हुआ, जब सैनी जिला जनसंपर्क एवं शिकायत निवारण समिति की बैठक में शामिल होने के बाद गुरुग्राम विश्वविद्यालय में आयोजित ‘चौपाल’ कार्यक्रम और जेनएच स्टार्टअप समिट-2026 में शामिल होने जा रहे थे।
इसके अलावा, घटना को लेकर संबंधित दो क्षेत्रों के पुलिस उपायुक्तों (डीसीपी) को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया है। वहीं, सिविल लाइंस थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, सरकार हर नागरिक के लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान करती है।
हालांकि, विरोध प्रदर्शन की आड़ में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने, सरकारी काम में बाधा डालने या वीआईपी सुरक्षा को प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। कांग्रेस ग्रामीण जिला अध्यक्ष वर्धन राव के नेतृत्व में 15 से अधिक पार्टी कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर अपनी जेबों से काले कपड़े निकालकर मुख्यमंत्री के काफिले की ओर लहराए। काफिले के साथ चल रहे पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया।
राव ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए यह प्रदर्शन किया।

